कोच्चि का नया 'नेचर गेटवे': सालों के इंतजार के बाद जी उठेगा कदम्बयार विलेज टूरिज्म प्रोजेक्ट

वाईपीन बीच कॉरिडोर की सफलता के बाद, केरल पर्यटन विभाग अब कोच्चि के पास कदम्बयार (Kadambrayar) जलमार्ग को एक शानदार पर्यटन केंद्र के रूप में पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। कक्कानाड और पल्लिकारा के बीच स्थित इस प्राकृतिक जलमार्ग को एक प्रमुख ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन में बदलने के लिए ₹4.5 करोड़ की परियोजना का आगाज होने जा रहा है।

06 Mar 2026 414

कश्मीर की नई लहर: घाटी में 14 नए पर्यटन स्थलों का आगाज़, भीड़ से दूर अब इन वादियों में मिलेगी शांति

धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत हो रही है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी के पर्यटन को विस्तार देने और पारंपरिक 'हॉटस्पॉट्स' पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए 14 नए पर्यटन स्थलों के द्वार खोल दिए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को गुलमर्ग और पहलगाम जैसे रटे-रटाए रास्तों से अलग, कश्मीर की अनछुई सुंदरता से रूबरू कराना है।

06 Mar 2026 476

भारत: आध्यात्मिकता का महाकुंभ और वैश्विक तीर्थाटन का हृदयस्थल

भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता का वह अथाह सागर है जहाँ सदियों से दुनिया भर के श्रद्धालु शांति और मोक्ष की तलाश में खिंचे चले आते हैं। विश्व की सबसे प्राचीन भूमि होने के नाते, यह देश अनेक धर्मों, संतों और देवी-देवताओं की जन्मस्थली रहा है। यहाँ की मिट्टी में रची-बसी प्राचीन परंपराएं और सांस्कृतिक विविधता इसे विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक अद्वितीय स्थान प्रदान करती हैं।

06 Mar 2026 434

दक्षिण का कैलाश: क्यों 'कांचीपुरम' को कहा जाता है हजारों मंदिरों का शहर? जानें इसकी आध्यात्मिक विरासत

जब भी भारत के सबसे पवित्र शहरों की चर्चा होती है, तो उत्तर भारत के काशी या मथुरा का नाम स्वतः ही जुबां पर आ जाता है। लेकिन दक्षिण भारत के तमिलनाडु में पलार नदी के तट पर एक ऐसा प्राचीन शहर बसा है, जिसे 'सिटी ऑफ थाउजेंड टेंपल्स' (हजारों मंदिरों का शहर) के गौरवमयी नाम से जाना जाता है। हम बात कर रहे हैं कांचीपुरम की, जो अपनी विश्वप्रसिद्ध रेशमी साड़ियों के साथ-साथ अपनी अद्वितीय आध्यात्मिक विरासत के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है।

05 Mar 2026 465

आसमान को छूता दुबई का गौरव: जानें 828 मीटर ऊँचे 'बुर्ज खलीफा' के अंदर की दुनिया और इसके बनने का राज

जब भी आधुनिक इंजीनियरिंग के करिश्मे की बात होती है, तो सबसे पहला नाम 'बुर्ज खलीफा' का आता है। 828 मीटर की अविश्वसनीय ऊंचाई के साथ यह इमारत सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि दुबई के साहस और विजन का प्रतीक है। साल 2010 में खुलने के बाद से ही यह दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर रेत के बीच इस 'वर्टिकल सिटी' को खड़ा करने की जरूरत क्यों पड़ी?

05 Mar 2026 436

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07 Oct 2015 957

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