यूट्यूब ने प्रीमियम सब्सक्राइबर्स के लिए AI प्लेलिस्ट जनरेटर लॉन्च किया
यूट्यूब ने अपने प्रीमियम ग्राहकों के लिए एक क्रांतिकारी एआई फीचर पेश किया है, जिससे अब केवल एक 'प्रॉम्प्ट' (विवरण) देकर व्यक्तिगत प्लेलिस्ट बनाई जा सकेगी। यह नया अपडेट फरवरी 2026 में एंड्रॉइड और आईओएस (iOS) दोनों प्लेटफॉर्म पर रोल आउट किया जा रहा है। अब आपको गाने ढूंढने या उन्हें व्यवस्थित करने की मेहनत नहीं करनी होगी। यूट्यूब का नया एआई टूल आपके द्वारा बताए गए मूड या विषय के आधार पर तुरंत गानों की सूची तैयार कर देता है। उपयोग की विधि: ऐप के Library टैब में जाएं, 'New' बटन पर क्लिक करें और 'AI Playlist' विकल्प चुनें। प्रॉम्प्ट के उदाहरण: आप "90 के दशक के बॉलीवुड हिट्स", "पार्टी के लिए हाउस मिक्स", या "उदास पोस्ट-रॉक" जैसे विवरण लिखकर या बोलकर (Voice Prompt) प्लेलिस्ट बनवा सकते हैं। तकनीक: यह फीचर गूगल के Gemini AI मॉडल का उपयोग करता है, जो आपके द्वारा दिए गए शब्दों के आधार पर यूट्यूब के विशाल संगीत कैटलॉग से सही गाने चुनता है।
11 Feb 2026
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यूट्यूब ने अपने प्रीमियम ग्राहकों के लिए एक क्रांतिकारी एआई फीचर पेश किया है, जिससे अब केवल एक 'प्रॉम्प्ट' (विवरण) देकर व्यक्तिगत प्लेलिस्ट बनाई जा सकेगी। यह नया अपडेट फरवरी 2026 में एंड्रॉइड और आईओएस (iOS) दोनों प्लेटफॉर्म पर रोल आउट किया जा रहा है।
1. एआई प्लेलिस्ट जनरेटर: कैसे काम करता है?
अब आपको गाने ढूंढने या उन्हें व्यवस्थित करने की मेहनत नहीं करनी होगी। यूट्यूब का नया एआई टूल आपके द्वारा बताए गए मूड या विषय के आधार पर तुरंत गानों की सूची तैयार कर देता है।
उपयोग की विधि: ऐप के Library टैब में जाएं, 'New' बटन पर क्लिक करें और 'AI Playlist' विकल्प चुनें।
प्रॉम्प्ट के उदाहरण: आप "90 के दशक के बॉलीवुड हिट्स", "पार्टी के लिए हाउस मिक्स", या "उदास पोस्ट-रॉक" जैसे विवरण लिखकर या बोलकर (Voice Prompt) प्लेलिस्ट बनवा सकते हैं।
तकनीक: यह फीचर गूगल के Gemini AI मॉडल का उपयोग करता है, जो आपके द्वारा दिए गए शब्दों के आधार पर यूट्यूब के विशाल संगीत कैटलॉग से सही गाने चुनता है।
2. केवल प्रीमियम यूजर्स के लिए 'एक्स्क्लूसिव' लाभ
यूट्यूब अपने प्रीमियम सब्सक्रिप्शन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए नई सुविधाओं को इसके साथ जोड़ रहा है।
गूगल का बढ़ता परिवार: हालिया आंकड़ों के अनुसार, गूगल के पास अब गूगल वन और यूट्यूब प्रीमियम को मिलाकर 325 मिलियन से अधिक भुगतान करने वाले ग्राहक हैं।
प्रतिस्पर्धा: यूट्यूब का यह कदम स्पॉटिफाई (Spotify) और अमेज़न म्यूजिक (Amazon Music) जैसे प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देने के लिए है, जो पहले से ही एआई-आधारित प्लेलिस्ट की टेस्टिंग कर रहे हैं।
3. फ्री यूजर्स के लिए बड़ा झटका: लिरिक्स पर पाबंदी
एआई फीचर के लॉन्च के साथ ही यूट्यूब ने अपने फ्री (एड-सपोर्टेड) यूजर्स के लिए एक नया 'प्रयोग' शुरू किया है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।
लिरिक्स की सीमा: अब फ्री यूजर्स यूट्यूब म्यूजिक ऐप पर केवल 5 गानों के बोल (Lyrics) ही देख पाएंगे।
पेवॉल (Paywall): सीमा समाप्त होने के बाद, लिरिक्स धुंधले (Blur) हो जाएंगे और उन्हें पूरा देखने के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेना अनिवार्य होगा।
यूट्यूब का स्पष्टीकरण: कंपनी का कहना है कि यह अभी एक छोटे स्तर का प्रयोग है, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि इसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है।