राजपाल यादव: पहली पत्नी का वियोग, राधा का साथ और तिहाड़ तक का सफर—एक अभिनेता के संघर्ष की दास्तां
अपनी कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों चेहरों पर मुस्कान लाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हाल ही में 'लल्लनटॉप' को दिए एक पुराने साक्षात्कार और हालिया कानूनी घटनाक्रमों के बीच, राजपाल की निजी जिंदगी के कई अनछुए पहलू सामने आए हैं। यह कहानी एक कलाकार के शिखर तक पहुँचने, व्यक्तिगत त्रासदियों को सहने और फिर कानूनी भंवर में फंसने की है।
12 Feb 2026
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मुंबई: अपनी कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों चेहरों पर मुस्कान लाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हाल ही में 'लल्लनटॉप' को दिए एक पुराने साक्षात्कार और हालिया कानूनी घटनाक्रमों के बीच, राजपाल की निजी जिंदगी के कई अनछुए पहलू सामने आए हैं। यह कहानी एक कलाकार के शिखर तक पहुँचने, व्यक्तिगत त्रासदियों को सहने और फिर कानूनी भंवर में फंसने की है।
20 की उम्र में झेला पहली पत्नी का वियोग
राजपाल यादव ने अपने जीवन के उस काले अध्याय को याद किया जब उन्होंने अपनी पहली पत्नी करुणा को खो दिया था। उन्होंने बताया कि उस समय उनकी उम्र महज 20 साल थी।
"मेरे पिता ने मेरी शादी तय की थी। मेरी पहली पत्नी ने एक बेटी (ज्योति) को जन्म दिया और दुनिया छोड़ दी। अगले दिन मुझे उससे मिलने जाना था, लेकिन किस्मत देखिए, मैं अपने कंधों पर उसका शव लेकर लौटा। मेरी बेटी को पालने में मेरे परिवार ने जो साथ दिया, उसके लिए मैं हमेशा ऋणी रहूँगा।"
करुणा का निधन 1991 में हुआ था। इसके बाद के 10 साल राजपाल ने खुद को बनाने में झोंक दिए—एनएसडी (NSD) से ट्रेनिंग ली और फिर छोटे-बड़े किरदारों के जरिए बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई।
राधा के साथ दूसरी पारी: सात समंदर पार का साथ
साल 2001 में फिल्म 'द हीरो' की शूटिंग के दौरान राजपाल की मुलाकात राधा से हुई। 2003 में दोनों ने विवाह कर लिया। कनाडा से ताल्लुक रखने वाली राधा ने जिस तरह राजपाल के ग्रामीण परिवेश को अपनाया, वह मिसाल बन गया। राजपाल बताते हैं:
संस्कृति का सम्मान: "मैंने कभी राधा से साड़ी पहनने को नहीं कहा, लेकिन उन्होंने खुद गाँव की भाषा और तौर-तरीके सीखे। जब मैं गाँव पहुँचा, तो उन्हें सिर पर पल्ला रखकर बैठे देख दंग रह गया।"
पारिवारिक ढाल: राधा न केवल उनकी पत्नी बनीं, बल्कि उनके घर और बच्चों के लिए एक मजबूत स्तंभ साबित हुईं।
कानूनी संकट: 'अता पता लापता' ने बढ़ाईं मुश्किलें
राजपाल की मुश्किलों की शुरुआत 2012 में उनकी फिल्म 'अता पता लापता' से हुई। फिल्म के लिए उन्होंने 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जो चेक बाउंस और ब्याज के चलते बढ़कर करीब 9 करोड़ हो गया।
जेल की सजा: दिल्ली हाईकोर्ट ने बार-बार वादों के उल्लंघन और पुनर्भुगतान में विफल रहने के कारण कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राजपाल अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाने में असफल रहे।
तिहाड़ में आत्मसमर्पण: 5 फरवरी, 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया, जहाँ वे 6 महीने की सजा काट रहे हैं। शादी के आधार पर उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई फिलहाल 16 फरवरी तक के लिए टल गई है।
संकट में साथ आया बॉलीवुड
इस मुश्किल घड़ी में फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज राजपाल के साथ खड़े नजर आए। सलमान खान, अजय देवगन, सोनू सूद, मीका सिंह और डेविड धवन जैसे सितारों ने उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की। राजपाल की पत्नी राधा यादव ने भी सार्वजनिक रूप से इन शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया है।