ए.आर. रहमान के बचाव में उतरीं अनुराधा पौडवाल: "उनका संगीत गवाह है कि वह एक संत जैसे इंसान हैं"
हिंदी फिल्म उद्योग में काम कम मिलने को लेकर संगीत उस्ताद ए.आर. रहमान की हालिया टिप्पणियों ने सोशल मीडिया और गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ कुछ लोग उनके बयानों को अलग नजरिए से देख रहे हैं, वहीं दिग्गज गायिका अनुराधा पौडवाल खुलकर उनके समर्थन में आई हैं। अनुराधा ने रहमान की आलोचनाओं को खारिज करते हुए उन्हें एक आध्यात्मिक और गरिमामय कलाकार बताया है।
12 Feb 2026
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मुंबई: हिंदी फिल्म उद्योग में काम कम मिलने को लेकर संगीत उस्ताद ए.आर. रहमान की हालिया टिप्पणियों ने सोशल मीडिया और गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ कुछ लोग उनके बयानों को अलग नजरिए से देख रहे हैं, वहीं दिग्गज गायिका अनुराधा पौडवाल खुलकर उनके समर्थन में आई हैं। अनुराधा ने रहमान की आलोचनाओं को खारिज करते हुए उन्हें एक आध्यात्मिक और गरिमामय कलाकार बताया है।
"संगीत ही बताता है उनका व्यक्तित्व"
एएनआई (ANI) से बातचीत के दौरान अनुराधा पौडवाल ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे व्यक्तिगत रूप से रहमान से कभी नहीं मिली हैं, लेकिन उनके संगीत ने ही उनकी छवि गढ़ी है। उन्होंने कहा:
"मैं ए.आर. रहमान को उनके संगीत के माध्यम से जानती हूँ। मैं उनसे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिली, लेकिन उनका संगीत बताता है कि वह एक बहुत ही सात्विक और संत स्वभाव के व्यक्ति हैं।"
मीडिया और इंटरव्यू के तरीकों पर उठाए सवाल
अनुराधा ने इस विवाद के पीछे मीडिया के साक्षात्कार लेने के तरीके को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपने दशकों लंबे अनुभव के आधार पर कहा कि अक्सर कलाकारों को उकसाने वाले सवाल पूछे जाते हैं।
सनसनीखेज प्रतिक्रिया की तलाश: अनुराधा के अनुसार, इंटरव्यू लेने वाले अक्सर सवालों को इस तरह फ्रेम करते हैं जिससे उन्हें अपनी पसंद की सनसनीखेज प्रतिक्रिया मिल सके। उन्हें 'सीधे-सादे' इंटरव्यू पसंद नहीं आते।
रहमान का कद: उन्होंने आगे कहा, "रहमान ने हमें बेहतरीन संगीत दिया है और वह इन सब विवादों से परे हैं। उन्होंने इतना कुछ हासिल कर लिया है कि अब कोई उनके करियर को प्रभावित नहीं कर सकता। उनके गानों ने चमत्कार किए हैं, इन विवादों का कोई अर्थ नहीं है।"
क्या है पूरा विवाद?
ए.आर. रहमान ने हाल ही में 'बीबीसी एशियन नेटवर्क' को दिए एक इंटरव्यू में बॉलीवुड में अपने अनुभवों पर बात की थी।
भेदभाव पर सवाल: जब उनसे पूछा गया कि क्या एक तमिल संगीतकार होने के नाते उन्होंने बॉलीवुड में कभी भेदभाव महसूस किया, तो उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्होंने ऐसा कुछ महसूस नहीं किया।
बदलता माहौल: रहमान ने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि ऐसा कुछ था भी, तो शायद "ईश्वर ने उसे छिपाए रखा।" हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि पिछले आठ वर्षों में उन्होंने फिल्म उद्योग के भीतर एक बदलाव महसूस किया है, जिसके कारण हिंदी फिल्मों में उनका काम कम हुआ है।
अनुराधा पौडवाल के इस बयान ने उद्योग के भीतर वरिष्ठ कलाकारों के बीच एकजुटता और सम्मान की एक नई मिसाल पेश की है।