रेलवे की 'AI' क्रांति: अब AC कोच की तरह चमकेंगे जनरल डिब्बे; साफ-सफाई की निगरानी करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
भारतीय रेलवे में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ट्रेनों में गंदगी और बदबूदार टॉयलेट्स की समस्या अब बीते दौर की बात होने वाली है। रेल मंत्रालय ने ट्रेनों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करना शुरू कर दिया है। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ जनरल क्लास में सफर करने वाले आम यात्रियों को मिलेगा।
16 Feb 2026
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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ट्रेनों में गंदगी और बदबूदार टॉयलेट्स की समस्या अब बीते दौर की बात होने वाली है। रेल मंत्रालय ने ट्रेनों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करना शुरू कर दिया है। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ जनरल क्लास में सफर करने वाले आम यात्रियों को मिलेगा।
जनरल डिब्बों में भी दिखेगी फर्स्ट क्लास जैसी चमक
हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह संकल्प दोहराया था कि जो स्वच्छता लेवल फर्स्ट क्लास एसी कोच में मिलता है, वही मानक अब जनरल डिब्बों में भी सुनिश्चित किए जाएंगे। इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए रेलवे ने नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है।
100 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
रेलवे इंफॉर्मेशन सेंटर (CRIS) के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर लक्ष्मण जैन ने एक विशेष बातचीत में बताया कि फिलहाल प्रायोगिक तौर पर देश की 100 महत्वपूर्ण ट्रेनों में इस AI आधारित व्यवस्था को शुरू किया गया है। जल्द ही इसे अन्य ट्रेनों में भी विस्तार दिया जाएगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम? (प्रक्रिया)
सफाई व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक विशेष ऐप और AI तकनीक का संगम किया गया है:
स्टाफ की उपस्थिति: सफाई कर्मचारी जैसे ही ट्रेन में ड्यूटी शुरू करेगा, उसे ऐप पर अपनी फोटो क्लिक करके अपलोड करनी होगी।
सफाई से पहले की तस्वीर: कर्मचारी को टॉयलेट या कोच की सफाई शुरू करने से पहले उसकी एक तस्वीर खींचकर सर्वर पर भेजनी होगी।
सफाई के बाद का प्रमाण: कार्य पूरा होने के बाद 'आफ्टर क्लीनिंग' फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा।
AI द्वारा जांच: यहाँ तकनीक की भूमिका अहम हो जाती है। AI सिस्टम दोनों तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सफाई मानकों के अनुरूप हुई है या नहीं। यदि सफाई संतोषजनक नहीं पाई जाती, तो सिस्टम अलर्ट जारी कर देगा।
सफर बनेगा सुहाना
लक्ष्मण जैन के अनुसार, इस डिजिटल निगरानी से न केवल सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि वास्तविक समय (Real-time) में कोचों की स्थिति की निगरानी भी हो सकेगी। यात्रियों को अब गंदगी की शिकायत करने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि AI सिस्टम स्वयं ही त्रुटियों को पकड़ने में सक्षम है।