टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा रहे हैं आकिब नबी; रणजी सेमीफाइनल में झटके 5 विकेट, मोहम्मद शमी के सामने मनवाया अपनी गेंदबाजी का लोहा

जम्मू-कश्मीर के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी इन दिनों घरेलू क्रिकेट में 'सेंसेशन' बने हुए हैं। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल जैसी मजबूत टीम के खिलाफ आकिब ने अपनी आग उगलती गेंदों से कोहराम मचा दिया। ईडन गार्डन्स पर खेले जा रहे इस महामुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट चटककार न केवल बंगाल की कमर तोड़ी, बल्कि भारतीय चयनकर्ताओं को भी कड़ा संदेश दे दिया है।

16 Feb 2026  |  29

कोलकाता: जम्मू-कश्मीर के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी इन दिनों घरेलू क्रिकेट में 'सेंसेशन' बने हुए हैं। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल जैसी मजबूत टीम के खिलाफ आकिब ने अपनी आग उगलती गेंदों से कोहराम मचा दिया। ईडन गार्डन्स पर खेले जा रहे इस महामुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट चटककार न केवल बंगाल की कमर तोड़ी, बल्कि भारतीय चयनकर्ताओं को भी कड़ा संदेश दे दिया है।

हैट्रिक ऑफ फाइव विकेट हॉल: एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड

आकिब नबी का प्रदर्शन महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि उनकी निरंतरता का प्रमाण है। उन्होंने पिछले तीन पारियों में जो किया है, वह किसी भी गेंदबाज के लिए एक सपना होता है:

क्वार्टर फाइनल (बनाम मध्य प्रदेश): पहली पारी में 7 विकेट और दूसरी पारी में 5 विकेट (मैच में कुल 12 विकेट)।

सेमीफाइनल (बनाम बंगाल): पहली पारी में 5 विकेट।

उपलब्धि: पिछली 3 पारियों में कुल 17 विकेट लेकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह इस समय देश के सबसे खतरनाक फॉर्म में चल रहे गेंदबाज हैं।

दिग्गजों का किया शिकार: शमी और ईश्वरन भी नहीं टिके

बंगाल के खिलाफ सेमीफाइनल में आकिब ने 26 ओवरों में 87 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके शिकार बने खिलाड़ियों की सूची काफी वजनदार है:

अभिमन्यु ईश्वरन: घरेलू क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज।

सुदीप कुमार घरामी: बंगाल के भरोसेमंद खिलाड़ी।

सूरज सिंधु जयसवाल

आकाशदीप: भारतीय टीम के सदस्य।

मोहम्मद शमी: दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शुमार शमी भी आकिब की धार के आगे बेबस नजर आए।

जम्मू-कश्मीर के 'संकटमोचक'

यह आकिब नबी का ही जादू है कि जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही है। उनके फर्स्ट क्लास करियर का यह 15वीं बार 5-विकेट हॉल है। पिछले सीजन में भी उन्होंने 18 मैचों में 97 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।

सेलेक्टर्स के लिए चुनौती

लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद अब गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आखिर चयनकर्ता कब तक इस कश्मीरी तेज गेंदबाज को नजरअंदाज करेंगे? जिस तरह से उन्होंने मोहम्मद शमी और आकाशदीप जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की मौजूदगी में अपना दबदबा बनाया है, वह उनकी टीम इंडिया में एंट्री का दावा बेहद मजबूत करता है।

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