मणिपुर: उखरूल में कुकी और नागा समुदाय के बीच तनाव, पुलिस ने सुरक्षित निकाले 51 छात्र
मणिपुर के नागा-बहुल उखरूल जिले में भड़की जातीय हिंसा के बीच प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। जिला पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि तनावग्रस्त क्षेत्र के एक स्कूल से 51 कुकी छात्रों को सुरक्षित निकालकर उनके गृह जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उखरूल के लितन सरईखोंग इलाके में पिछले एक सप्ताह से जारी छिटपुट हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद की गई है।
17 Feb 2026
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इंफाल | मणिपुर के नागा-बहुल उखरूल जिले में भड़की जातीय हिंसा के बीच प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। जिला पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि तनावग्रस्त क्षेत्र के एक स्कूल से 51 कुकी छात्रों को सुरक्षित निकालकर उनके गृह जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई उखरूल के लितन सरईखोंग इलाके में पिछले एक सप्ताह से जारी छिटपुट हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद की गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: जेएनवी रामवा से सुरक्षित निकासी
पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, उखरूल के जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) रामवा में पढ़ रहे कुकी समुदाय के छात्रों को सुरक्षा कारणों से वहां से निकाला गया।
छात्रों का विवरण: कुल 51 छात्र, जिनमें 31 छात्र और 20 छात्राएं शामिल थीं।
स्थानांतरण: उखरूल पुलिस ने इन छात्रों को सैकुल पुलिस टीम के हवाले किया, जहाँ से उन्हें कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले के जेएनवी में सुरक्षित भेज दिया गया।
सीमित गलतफहमी: निकासी के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने छात्रों को गलती से उपद्रवी समझ लिया था, लेकिन पुलिस और नागरिक संगठनों ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।
हिंसा की जड़: एक मामूली विवाद बना बड़ी आग
उखरूल में तनाव की शुरुआत 7 फरवरी की शाम को हुई थी। लितन कस्बे में दो गुटों के बीच शराब के नशे में हुई मारपीट ने देखते ही देखते जातीय संघर्ष का रूप ले लिया।
अब तक हिंसा में लगभग 30 घरों को जलाए जाने की खबर है।
उखरूल जिला प्रशासन ने सांगशाक, रामवा और शोकावो जैसे क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय नागरिक निकायों की मदद ली है।
मणिपुर की मौजूदा स्थिति: एक नजर में
मणिपुर पिछले तीन वर्षों से जातीय संघर्ष की आग में झुलस रहा है। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा ने राज्य की सामाजिक संरचना को गहरे जख्म दिए हैं।
| विवरण | सांख्यिकी/स्थिति |
|---|---|
| कुल हताहत (मई 2023 से) | कम से कम 260 लोग |
| विस्थापन | हजारों लोग अभी भी राहत शिविरों में |
| वर्तमान शासन | 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू |
| नए मुख्यमंत्री | वाई खेमचंद सिंह (हाल ही में शपथ ग्रहण) |
शांति की अपील
पुलिस ने सभी समुदायों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सांगशाक और रामवा जैसे संवेदनशील इलाकों के ग्रामीणों को समझाने और छात्रों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने में स्थानीय नागरिक समाज संगठनों (CSOs) की भूमिका की सराहना की गई है।
"कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह एक एहतियाती कदम था। हम समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।"
— मणिपुर पुलिस प्रवक्ता