इमरान खान की सेहत पर सस्पेंस: आँखों की रोशनी में सुधार के दावे, पिता से मिलने के लिए बेटों ने मांगी वीजा की अनुमति
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर इन दिनों कयासों और चिंताओं का बाजार गर्म है। जहाँ एक ओर सरकारी दावों के अनुसार उनकी आँखों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके निजी डॉक्टर और परिवार इन दावों की सत्यता को लेकर संशय में हैं। इस बीच, इमरान खान के दोनों बेटों ने अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान के वीजा की गुहार लगाई है।
17 Feb 2026
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इस्लामाबाद/रावलपिंडी: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर इन दिनों कयासों और चिंताओं का बाजार गर्म है। जहाँ एक ओर सरकारी दावों के अनुसार उनकी आँखों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके निजी डॉक्टर और परिवार इन दावों की सत्यता को लेकर संशय में हैं। इस बीच, इमरान खान के दोनों बेटों ने अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान के वीजा की गुहार लगाई है।
आँखों की रोशनी पर विरोधाभासी दावे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रावलपिंडी की अडियाला जेल में नेत्र विशेषज्ञों के एक पैनल ने इमरान खान का परीक्षण किया। पाकिस्तान के कैबिनेट मंत्री तारिक फजल चौधरी ने पुष्टि की है कि चिकित्सा परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने खान की दृष्टि में सुधार पाया है और वर्तमान में कोई बड़ी जटिलता नहीं देखी गई है।
हालांकि, इमरान खान के निजी चिकित्सक डॉ. आसिम यूसुफ ने इन रिपोर्टों पर पूरी तरह विश्वास करने से इनकार कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया:
जेल के डॉक्टरों ने फोन पर उन्हें सुधार की जानकारी दी है।
पिछले महीने इस्लामाबाद में हुए उपचार के बाद खान की स्थिति बेहतर बताई जा रही है।
डॉ. यूसुफ का कहना है: "चूंकि मुझे खुद उनसे मिलने या उनकी देखभाल में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए मैं इन सरकारी दावों की पुष्टि या खंडन करने की स्थिति में नहीं हूँ।"
दो साल बाद बेटों की भावुक अपील
इमरान खान के बेटे, कासिम (26) और सुलेमान (29), जो लंबे समय से अपने पिता से दूर हैं, ने उनकी गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल सितंबर के बाद पहली बार गुरुवार को उनकी अपने पिता से बात हुई।
कासिम खान ने अपनी स्थिति साझा करते हुए कहा:
"इतने लंबे समय तक पिता से दूर रहना बेहद तनावपूर्ण है। हम उनकी मेडिकल रिपोर्ट को लेकर अनिश्चित हैं। हमारी मांग है कि उन्हें किसी उचित चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया जाए और उनके निजी डॉक्टरों को उन तक पहुँच दी जाए।"
दोनों भाइयों ने अब पाकिस्तान सरकार से वीजा का अनुरोध किया है ताकि वे जेल में बंद अपने पिता की वास्तविक स्थिति देख सकें और उनसे मुलाकात कर सकें।
निष्कर्ष
अडियाला जेल प्रशासन और पीटीआई समर्थकों के बीच चिकित्सा पारदर्शिता को लेकर चल रहा यह विवाद अब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। जहाँ सरकारी खेमा 'सब ठीक है' का संदेश दे रहा है, वहीं खान का परिवार और उनके डॉक्टर स्वतंत्र चिकित्सा जांच की मांग पर अड़े हैं।