बांग्लादेश में 'तारीक युग' का आगाज: 30 साल बाद देश को मिला पहला पुरुष प्रधानमंत्री; संसद के साउथ प्लाजा में गूंजी शपथ
बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। महीनों की अनिश्चितता और 2024 के छात्र आंदोलन के बाद हुए 13वें आम चुनाव के बाद, निर्वाचित सांसदों ने आज पद और गोपनीयता की शपथ ली। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारीक रहमान आज दोपहर बाद देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो पिछले तीन दशकों में इस पद को संभालने वाले पहले पुरुष नेता होंगे।
17 Feb 2026
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ढाका | बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। महीनों की अनिश्चितता और 2024 के छात्र आंदोलन के बाद हुए 13वें आम चुनाव के बाद, निर्वाचित सांसदों ने आज पद और गोपनीयता की शपथ ली। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारीक रहमान आज दोपहर बाद देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो पिछले तीन दशकों में इस पद को संभालने वाले पहले पुरुष नेता होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह: परंपराओं से हटकर आयोजन
अमूमन 'बंगाभवन' में होने वाले समारोह के विपरीत, इस बार शपथ ग्रहण समारोह जातीय संसद (नेशनल पार्लियामेंट) के साउथ प्लाजा में आयोजित किया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त: एएमएम नासिर उद्दीन ने सुबह 10:42 बजे नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई।
सुरक्षा: समारोह के लिए चार-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था।
अतिथि: भारत के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और तुर्की व श्रीलंका के प्रतिनिधियों सहित 1,000 से अधिक विदेशी व स्थानीय मेहमानों ने शिरकत की।
चुनावी आंकड़े: किसे मिली कितनी ताकत?
12 फरवरी को हुए मतदान के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 297 सीटों का परिणाम इस प्रकार रहा:
| राजनीतिक दल/गठबंधन | सीटें |
|---|---|
| BNP (तारीक रहमान के नेतृत्व में) | 209 |
| जमात-ए-इस्लामी (11-दलीय गठबंधन) | 68 |
| अन्य गठबंधन/निर्दलीय | 20 |
| कुल निर्वाचित सांसद | 297 |
विशेष नोट: अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी 'अवामी लीग' को इन चुनावों में भाग लेने से रोक दिया गया था।
अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन
मुस्लिम बहुल बांग्लादेश (170 मिलियन जनसंख्या) में, जहाँ हिंदू आबादी लगभग 8% है, इस बार अल्पसंख्यक समुदाय से 4 सांसदों ने जीत दर्ज की है। ये सभी BNP के टिकट पर चुने गए हैं:
गयेश्वर चंद्र रॉय (हिंदू - BNP स्थायी समिति सदस्य)
नितई रॉय चौधरी (हिंदू - उपाध्यक्ष, BNP)
सचिंग प्रू (बौद्ध)
दीपेन देवान (चकमा जातीय समूह - बौद्ध)
मोहम्मद युनुस की विदाई: "अब हम दब्बू राष्ट्र नहीं"
अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में 18 महीने तक कमान संभालने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनुस ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने विदाई संदेश में कहा कि उनके कार्यकाल ने बांग्लादेश की संप्रभुता और गरिमा को बहाल किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बांग्लादेश किसी दूसरे देश के निर्देशों पर चलने वाला 'दब्बू' राष्ट्र नहीं रह गया है।
तारीक रहमान के सामने चुनौतियां
17 साल के निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे 60 वर्षीय तारीक रहमान ने 'राष्ट्रीय एकता' का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार में "प्रतिशोध की राजनीति" के लिए कोई जगह नहीं होगी। उनके सामने मुख्य चुनौतियां हैं:
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना।
कानून-व्यवस्था में सुधार।
शासन प्रणाली का लोकतंत्रीकरण।