बिहार विधानसभा में 'बेचारा' शब्द पर संग्राम: रामविलास पासवान के अपमान पर भड़की LJP (RV); RJD विधायक और राजू तिवारी के बीच तीखी नोकझोंक
बिहार विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विवाद की जड़ में है पूर्व केंद्रीय मंत्री और दलितों के मसीहा माने जाने वाले स्वर्गीय रामविलास पासवान के लिए आरजेडी विधायक द्वारा इस्तेमाल किया गया 'बेचारा' शब्द। इस एक शब्द ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट पैदा कर दी है, जिसके चलते सदन के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिले।
17 Feb 2026
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पटना | बिहार विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विवाद की जड़ में है पूर्व केंद्रीय मंत्री और दलितों के मसीहा माने जाने वाले स्वर्गीय रामविलास पासवान के लिए आरजेडी विधायक द्वारा इस्तेमाल किया गया 'बेचारा' शब्द। इस एक शब्द ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट पैदा कर दी है, जिसके चलते सदन के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिले।
विवाद की शुरुआत: एक शब्द और तीखा विरोध
पिछले हफ्ते बोधगया से आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने सदन में रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए उन्हें “बेचारा” कह दिया था। हालांकि, सर्वजीत ने इसी के साथ पटना के एक प्रमुख चौराहे पर पासवान की मूर्ति लगाने की भी मांग की थी, लेकिन 'बेचारा' संबोधन चिराग पासवान की पार्टी LJP (रामविलास) को नागवार गुजरा।
एलजेपी का हमला: "तेजस्वी यादव मांगें सार्वजनिक माफी"
LJP (RV) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने इस बयान को रामविलास पासवान के 50 साल के गौरवशाली राजनीतिक करियर का अपमान बताया। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:
अपमान का आरोप: "जिस नेता ने 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया, उनके लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग घोर अपमान है।"
माफी की मांग: "तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता होने के नाते सदन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।"
मूर्ति पर पलटवार: सर्वजीत की मूर्ति लगाने वाली मांग पर तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें 'गिरगिट की तरह रंग बदलना' बंद करना चाहिए। माफी के बिना मूर्ति की बात बेमानी है।
आरजेडी विधायक का पलटवार: "सात जन्म लेने होंगे"
दूसरी ओर, कुमार सर्वजीत अपने बयान पर कायम दिखे। उन्होंने राजू तिवारी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें एक दलित आइकॉन की मूर्ति लगाने की मांग पच नहीं रही है।
कुमार सर्वजीत का कड़ा बयान: "राजू तिवारी को मुझे झुकाने के लिए 'सात जन्म' लेने होंगे। रामविलास पासवान दलितों के मसीहा थे और उनके सम्मान में मूर्ति लगनी ही चाहिए।"
नारेबाजी के बीच शांत हुआ सदन
सदन में जब हंगामा बढ़ा, तो आरजेडी के अन्य विधायकों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। राजद सदस्यों ने एकजुट होकर सदन में “स्वर्गीय रामविलास पासवान अमर रहें...” के नारे लगाए। इन नारों के बाद माहौल कुछ हद तक शांत हुआ, लेकिन एलजेपी और आरजेडी के बीच यह जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है।
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति में रामविलास पासवान का कद हमेशा से बड़ा रहा है। चुनाव के करीब आते ही उनके नाम और विरासत पर छिड़ी यह जंग साफ दर्शाती है कि आने वाले समय में 'दलित वोट बैंक' की लड़ाई और भी तेज होने वाली है।