"मैदान पर खेल और बाहर सर्कस": क्लार्क ने पाकिस्तान की हार के लिए बोर्ड और सरकार को घेरा
भारत के हाथों मिली 61 रनों की करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम न केवल प्रशंसकों के निशाने पर है, बल्कि अब खेल जगत के दिग्गजों ने भी उनकी जमकर क्लास ली है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने पाकिस्तान की इस हार के लिए खिलाड़ियों से ज्यादा वहां के क्रिकेट बोर्ड, चयनकर्ताओं और 'राजनीतिक सर्कस' को जिम्मेदार ठहराया है।
17 Feb 2026
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नई दिल्ली/कोलंबो: भारत के हाथों मिली 61 रनों की करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम न केवल प्रशंसकों के निशाने पर है, बल्कि अब खेल जगत के दिग्गजों ने भी उनकी जमकर क्लास ली है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने पाकिस्तान की इस हार के लिए खिलाड़ियों से ज्यादा वहां के क्रिकेट बोर्ड, चयनकर्ताओं और 'राजनीतिक सर्कस' को जिम्मेदार ठहराया है।
"बहिष्कार का ड्रामा खिलाड़ियों पर पड़ा भारी"
'बियॉन्ड23 क्रिकेट पॉडकास्ट' पर बात करते हुए क्लार्क ने कहा कि मैच से पहले पाकिस्तान सरकार और बोर्ड द्वारा भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी और फिर अचानक 'यू-टर्न' लेना टीम के लिए आत्मघाती साबित हुआ।
क्लार्क ने कड़े शब्दों में कहा, "यह पूरा घटनाक्रम किसी 'सर्कस' से कम नहीं था। एक तरफ आप खेलने से मना करते हैं, फिर मैदान पर उतरते हैं। एक खिलाड़ी के नजरिए से यह मानसिक स्थिति खेल में मदद नहीं करती। अंततः भारत ने उन्हें हर विभाग में पछाड़ दिया।"
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती खाई
माइकल क्लार्क के अनुसार, अब भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला बराबरी का नहीं रह गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम इंडिया इस प्रारूप में पाकिस्तान से मीलों आगे निकल चुकी है। क्लार्क ने सुझाव दिया कि पाकिस्तान को अब अपने कुछ सीनियर खिलाड़ियों को विदा कर PSL (पाकिस्तान सुपर लीग) की युवा प्रतिभाओं पर दांव लगाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि कई दिग्गजों के लिए यह टी-20 विश्व कप 'आखिरी सलाम' साबित हो सकता है।
हार के तीन मुख्य कारण: क्लार्क की नज़र में
राजनीतिक हस्तक्षेप: खेल के मामलों में सरकार का दखल और राजनीतिक फायदे के लिए बहिष्कार जैसे हथकंडे अपनाना।
मानसिक भटकाव: बोर्ड के ढुलमुल रवैये के कारण खिलाड़ियों का ध्यान खेल से ज्यादा विवादों पर रहा।
चयन नीति में विफलता: पुराने खिलाड़ियों पर ज़रूरत से ज्यादा निर्भरता और नई प्रतिभाओं को मौका न देना।
पाकिस्तान क्रिकेट में आत्ममंथन का समय
भारत की श्रेष्ठता अब निर्विवाद है, लेकिन पाकिस्तान के लिए यह हार एक बड़े संकट की घंटी है। मैदान के बाहर ICC से रियायतें छीनने का दावा करने वाले पाकिस्तान को मैदान के भीतर करारी हकीकत का सामना करना पड़ा है। अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान की टीम नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले इस 'सर्कस' से बाहर निकल पाएगी?