AI का 'स्ट्रेस टेस्ट': क्या भारत के 'जनसांख्यिकीय लाभांश' पर भारी पड़ेगी मशीन इंटेलिजेंस?

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार परिदृश्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। नई दिल्ली में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' के पहले दिन बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों को कुशल बनाने की गति से तेज़ नौकरियों को निगलता है, तो भारत अपने 'डेमोग्राफिक विंडो' (जनसांख्यिकीय अवसर) को खोने के जोखिम में है।

17 Feb 2026  |  35

नई दिल्ली: भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार परिदृश्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। नई दिल्ली में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' के पहले दिन बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों को कुशल बनाने की गति से तेज़ नौकरियों को निगलता है, तो भारत अपने 'डेमोग्राफिक विंडो' (जनसांख्यिकीय अवसर) को खोने के जोखिम में है।

"सावधानी हटी, दुर्घटना घटी": CEA की दोटूक

नागेश्वरन ने स्पष्ट किया कि विकसित देशों के लिए AI एक वरदान हो सकता है जहाँ आबादी कम हो रही है, लेकिन भारत के लिए यह "राज्य की क्षमता का स्ट्रेस टेस्ट" है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव अपने आप या "बहाव के साथ" (by drift) सकारात्मक नहीं होगा, इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।

"अगर हम निर्णायक रूप से आगे नहीं बढ़े—जैसे बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना, कौशल विकास को बढ़ाना और विनियामक बाधाओं को दूर करना—तो हम केवल अवसर ही नहीं खोएंगे, बल्कि अपरिहार्य सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता पैदा करेंगे।" - वी. अनंत नागेश्वरन

खतरे के निशान: 18 महीने में व्हाइट कॉलर जॉब्स पर संकट?

समिट में माइक्रोसॉफ्ट एआई के सीईओ मुस्तफा सुलेमान के हालिया बयान का भी जिक्र हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगले 18 महीनों में व्हाइट-कॉलर (दफ्तरों में होने वाले) कार्यों का अधिकांश हिस्सा एआई द्वारा स्वचालित (Automate) कर दिया जाएगा।

ले-ऑफ का दौर: माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले एक साल में हजारों नियुक्तियां रद्द की हैं।

भारतीय परिदृश्य: टीसीएस (TCS) जैसी दिग्गज कंपनी ने पिछले साल पुनर्गठन के नाम पर 12,000 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया।

शेयर बाजार में मची खलबली: IT इंडेक्स धड़ाम

AI के बढ़ते प्रभाव और एंथ्रोपिक (Anthropic) जैसी कंपनियों द्वारा कानूनी अनुबंधों की समीक्षा करने वाले 'क्लाउड' (Claude) प्लगइन लॉन्च करने के बाद भारतीय आईटी सेक्टर सहमा हुआ है।

निफ्टी आईटी इंडेक्स: पिछले डेढ़ हफ्ते में करीब 6,000 अंक (15%) से ज्यादा टूट चुका है।

फ्रैक्टल एनालिटिक्स: सोमवार को शेयर बाजार में कदम रखने वाली इस AI कंपनी के शेयरों में लिस्टिंग के दिन ही 4.4% की गिरावट दर्ज की गई।

भविष्य की राह: शिक्षा और कौशल में आमूलचूल बदलाव

आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 का हवाला देते हुए CEA ने याद दिलाया कि भारत को हर साल 80 लाख (8 million) उत्पादक नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षा और शिक्षण पद्धति (Pedagogy) में तत्काल सुधार का आह्वान किया ताकि मशीन इंटेलिजेंस और मानव प्रचुरता एक-दूसरे के पूरक बन सकें, न कि विरोधी।

ट्रेंडिंग