डिजिटल इंडिया का नया अध्याय: भारत सरकार और AWS के बीच 'मेघराज 2.0' के लिए बड़ी साझेदारी

भारत सरकार ने देश में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। AI इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर, अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने घोषणा की है कि वह भारत के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के 'मेघराज 2.0' क्लाउड पहल के तहत अपनी जेनेरेटिव AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।

17 Feb 2026  |  36

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। AI इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर, अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने घोषणा की है कि वह भारत के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के 'मेघराज 2.0' क्लाउड पहल के तहत अपनी जेनेरेटिव AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।

गाँव-गाँव पहुँचेगी AI की शक्ति: जितिन प्रसाद

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AWS संगोष्ठी को संबोधित करते हुए आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एक समावेशी डिजिटल भविष्य का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा:

"AI के क्षेत्र में भारत ने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली है कि यहाँ कोई 'वंचित' (Have-nots) न रहे। यह तकनीक केवल दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत की असली ताकत—हमारे ग्रामीण क्षेत्रों—को भी इस इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा।"

'AWS आउटपोस्ट': सुरक्षा और प्रदर्शन का संगम

इस साझेदारी की सबसे बड़ी विशेषता Yotta डेटा सर्विसेज के सहयोग से 'AWS आउटपोस्ट' (AWS Outposts) की तैनाती है। यह एक हाइब्रिड आर्किटेक्चर है जो सरकारी विभागों को दोहरी सुविधा प्रदान करेगा:

डेटा सुरक्षा: संवेदनशील सरकारी डेटा NIC के सुरक्षित डेटा केंद्रों के भीतर ही रहेगा।

अत्याधुनिक तकनीक: विभाग डेटा की गोपनीयता बनाए रखते हुए AWS की उन्नत सेवाओं जैसे Amazon S3, EKS और नाइट्रो सिस्टम का उपयोग कर सकेंगे।

क्यों खास है यह साझेदारी?

डेटा रेजिडेंसी: यह समझौता डेटा को देश की सीमाओं के भीतर रखने और सुरक्षा संबंधी सरकारी आवश्यकताओं को पूरा करने पर केंद्रित है।

इलास्टिक स्केलिंग: भारी मांग के समय (जैसे सरकारी योजनाओं के पंजीकरण के दौरान), ये एप्लिकेशन बिना किसी रुकावट के अपनी क्षमता बढ़ा सकेंगे।

मानवीय चूक से सुरक्षा: 'AWS कंट्रोल टावर' के जरिए सुरक्षा के कड़े मापदंड लागू किए जाएंगे, जिससे मैन्युअल कॉन्फ़िगरेशन के कारण होने वाली गलतियों का जोखिम खत्म हो जाएगा।

'बॉटम-अप' दृष्टिकोण पर जोर

AWS इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष संदीप दत्ता ने कहा कि यह तालमेल भारत के डिजिटल परिवर्तन के विजन को पूरा करने की प्रतिबद्धता है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा 'बॉटम-अप' दृष्टिकोण अपनाना है, जहाँ कंप्यूटिंग पावर तक पहुँच आसान हो और समाज का हर वर्ग AI के लाभों का उपयोग कर सके।

मुख्य जानकारी: 'मेघराज 2.0' क्या है? यह भारत सरकार की क्लाउड कंप्यूटिंग पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं की गति बढ़ाना और बुनियादी ढांचे के उपयोग को अनुकूलित करना है। AWS और Yotta के साथ मिलकर यह अब और भी अधिक शक्तिशाली और सुरक्षित हो गया है।

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