AI की वैश्विक दौड़ में भारत का शंखनाद: 'सर्वम AI' ने दिग्गज वैश्विक मॉडल्स को पछाड़ा
"भारत सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता होना चाहिए।" यह साहसिक विजन है 'सर्वम AI' (Sarvam AI) के सह-संस्थापक और सीईओ प्रत्युष कुमार का। .AI समिट में बोलते हुए कुमार ने स्पष्ट किया कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और एक प्राचीन सभ्यता होने के नाते, भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस रेस में पीछे रहने का जोखिम नहीं उठा सकता।
18 Feb 2026
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नई दिल्ली: "भारत सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता होना चाहिए।" यह साहसिक विजन है ‘सर्वम AI’ के सह-संस्थापक और सीईओ प्रत्युष कुमार का। .AI समिट में बोलते हुए कुमार ने स्पष्ट किया कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और एक प्राचीन सभ्यता होने के नाते, भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस रेस में पीछे रहने का जोखिम नहीं उठा सकता।
वैश्विक दिग्गजों को दी मात: आंकड़ों की जुबानी
भारतीय स्टार्टअप 'सर्वम' केवल दावे नहीं कर रहा, बल्कि इसके आंकड़े वैश्विक तकनीकी दिग्गजों को चुनौती दे रहे हैं। आंतरिक बेंचमार्क के अनुसार, भारतीय भाषाओं और दस्तावेज़ प्रसंस्करण (OCR) में सर्वम के मॉडल्स ने गूगल और ओपन-एआई जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है:
| बेंचमार्क टेस्ट | सर्वम विजन (Sarvam Vision) | Gemini 3 Pro | ChatGPT (Vision) |
|---|---|---|---|
| olmOCR Bench (सटीकता) | 84.3% | 80.2% | ~70% |
| OmniDocBench v1.5 | 93.28% | - | - |
| Word Accuracy (शब्दों की शुद्धता) | 87.36% | 82.51% | - |
विविधता: चुनौती भी और अवसर भी
प्रत्युष कुमार के अनुसार, भारत की भाषाई विविधता और विशाल पैमाना AI के लिए दुनिया का सबसे कठिन 'टेस्ट केस' है। उन्होंने कहा, "अगर कोई AI मॉडल भारत की विविधता को संभाल सकता है, तो वह पूरी दुनिया के लिए एक मानक बन सकता है।" सर्वम की रणनीति भारतीय भाषाओं के लिए एक स्वदेशी 'AI स्टैक' तैयार करना है, जो आम नागरिक तक पहुँच सके।
हाथों में नहीं, आँखों पर होगा AI: स्मार्ट ग्लास का अनावरण
सर्वम AI ने इसी सप्ताह एक अभिनव वेयरेबल डिवाइस (AI चश्मा) का अनावरण किया है, जो मई तक बाजार में आने की उम्मीद है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस डिवाइस का परीक्षण करते नजर आ रहे हैं।
कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा घेरा तोड़कर तकनीक को करीब से देखा और इसकी कार्यक्षमता पर तीखे सवाल पूछे। उन्होंने विशेष रूप से पूछा कि क्या यह सिस्टम गुजराती बोल सकता है—जो भारतीय भाषाओं के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
साधारण फोन पर असाधारण तकनीक
सर्वम का उद्देश्य AI को केवल महंगे स्मार्टफोन तक सीमित रखना नहीं है। कंपनी ने ऐसे मॉडल्स का प्रदर्शन किया जो एक साधारण फीचर फोन पर कॉल के माध्यम से टेक्स्ट एक्सट्रैक्ट कर सकते हैं, आवाज पहचान सकते हैं और प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
"AI का असली मूल्य तब है जब वह वास्तविक दुनिया में तैनात हो। फीडबैक लूप अब वर्षों के बजाय महीनों में काम करते हैं, और हमें इसी गति से नवाचार करना होगा।"
— प्रत्युष कुमार, सीईओ, सर्वम AI
निष्कर्ष
पूंजी की गहनता और अनुसंधान की भारी मांग के बावजूद, सर्वम AI का संकल्प दृढ़ है। भारत अपनी मिट्टी से, अपनी भाषाओं के लिए और अपने लोगों के लिए AI का निर्माण कर रहा है। यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि डिजिटल संप्रभुता की दिशा में एक बड़ा कदम है।