बांग्लादेश में 'रहमान युग' का आगाज: तारिक रहमान ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ, ब्यूरोक्रेसी में मची हलचल
१८ महीनों की लंबी राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष के बाद बांग्लादेश में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने मंगलवार (१७ फरवरी, २०२६) को देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। १३वें संसदीय चुनाव में २१२ सीटों के साथ मिली ऐतिहासिक जीत के बाद, रहमान ने ४९ सदस्यीय मंत्रिमंडल के साथ कमान संभाली है।
18 Feb 2026
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ढाका: १८ महीनों की लंबी राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष के बाद बांग्लादेश में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने मंगलवार (१७ फरवरी, २०२६) को देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। १३वें संसदीय चुनाव में २१२ सीटों के साथ मिली ऐतिहासिक जीत के बाद, रहमान ने ४९ सदस्यीय मंत्रिमंडल के साथ कमान संभाली है।
प्रशासनिक गलियारों में 'लोबिंग' का दौर
नई सरकार के गठन के साथ ही बांग्लादेश की नौकरशाही (ब्यूरोक्रेसी) और पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सचिवालय में मध्य से लेकर वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों के बीच पसंदीदा पोस्टिंग और पदोन्नति हासिल करने के लिए भारी होड़ मची है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों की सक्रियता: रिपोर्ट्स के अनुसार, कई रिटायर्ड नौकरशाह भी अपने पुराने राजनीतिक संपर्कों के जरिए प्रभावशाली पदों को पाने की कोशिश में जुट गए हैं।
सचिवालय में हलचल: सोमवार को अधिकारियों के एक बड़े समूह को सचिवालय के चक्कर काटते देखा गया, जो नई नियुक्तियों के संबंध में आश्वासन चाह रहे थे।
ब्यूरोक्रेसी में बड़े इस्तीफे और नई नियुक्तियाँ
चुनाव परिणाम स्पष्ट होने के बाद से ही प्रशासनिक ढांचे में शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं:
मुख्य सचिव और कैबिनेट सचिव के इस्तीफे: देश के दो सबसे शक्तिशाली पदों—कैबिनेट सचिव और मुख्य सचिव—पर तैनात अधिकारियों ने पद छोड़ दिया है।
शेख अब्दुर रशीद का प्रस्थान: शनिवार को शेख अब्दुर रशीद ने कैबिनेट सचिव पद से इस्तीफा दिया।
नासिरुल गनी की नियुक्ति: गृह सचिव नासिरुल गनी को नया कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि सिराजुद्दीन मिया ने मुख्य सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है।
ऐतिहासिक जीत और नया मंत्रिमंडल
तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP ने २१२ सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है।
मंत्रिमंडल का विस्तार: प्रधानमंत्री के साथ २५ कैबिनेट मंत्रियों और २४ राज्य मंत्रियों ने शपथ ली है।
प्रमुख नाम: मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (स्थानीय सरकार), अमीर खसरू महमूद चौधरी (वित्त), सलाउद्दीन अहमद (गृह) और इकबाल हसन महमूद टुकू (ऊर्जा) को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
"यह जनादेश भ्रष्टाचार के अंत और लोकतंत्र की बहाली की दिशा में जनता का विश्वास है। हमारी प्राथमिकता देश में स्थिरता और कानून-व्यवस्था को पुनः स्थापित करना है।"
— BNP नेतृत्व का आधिकारिक बयान
निष्कर्ष: २०२९ की ओर निगाहें
लंबे समय बाद सत्ता में लौटी BNP के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन को निष्पक्ष बनाना और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है। अधिकारियों के बीच मची यह खींचतान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में बांग्लादेश की प्रशासनिक मशीनरी का पूरी तरह से कायाकल्प होने वाला है।