MP का 'महारथी' बजट: 4.38 लाख करोड़ का डिजिटल लेखा-जोखा, लाड़ली बहनों और युवाओं की चमकी किस्मत
मध्य प्रदेश विधानसभा में आज भविष्य की झलक देखने को मिली। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के इतिहास का पहला पूर्णतः डिजिटल बजट पेश किया। 4.38 लाख करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट में सरकार ने 'बिना नया टैक्स लगाए' विकास का रोडमैप तैयार किया है। जहाँ एक ओर लाड़ली बहनों के लिए खजाना खोला गया, वहीं युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों की सौगात दी गई।
18 Feb 2026
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भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में आज भविष्य की झलक देखने को मिली। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के इतिहास का पहला पूर्णतः डिजिटल बजट पेश किया। 4.38 लाख करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट में सरकार ने 'बिना नया टैक्स लगाए' विकास का रोडमैप तैयार किया है। जहाँ एक ओर लाड़ली बहनों के लिए खजाना खोला गया, वहीं युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों की सौगात दी गई।
बजट की 'बिग पिक्चर': मुख्य आकर्षण
वित्त मंत्री ने करीब डेढ़ घंटे के अपने छठे बजट भाषण में 'विकसित मध्य प्रदेश' का संकल्प दोहराया। बजट की सबसे बड़ी विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
लाड़ली बहना योजना: महिला सशक्तिकरण को धार देते हुए 23,882 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया।
शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए 15,000 नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान। साथ ही मेधावी छात्रवृत्ति के लिए 813 करोड़ रुपये आवंटित।
बच्चों की सेहत: कक्षा 8वीं तक के बच्चों को अब स्कूलों में टेट्रा पैक दूध दिया जाएगा।
अधोसंरचना (Infrastructure): उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर (1,000 करोड़) और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (2,360 करोड़) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी।
कृषि क्रांति: 1 लाख किसानों को सोलर पंप और कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।
आर्थिक संतुलन: आय और व्यय का गणित
सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर विशेष जोर दिया है।
| मद | आवंटित राशि (करोड़ में) |
|---|---|
| कुल बजट | ₹4,38,000 |
| पंचायत एवं ग्रामीण विकास | ₹40,062 |
| शिक्षा विभाग | ₹31,953 |
| स्वास्थ्य क्षेत्र | ₹24,144 |
| मेट्रो रेल परियोजना | ₹650 |
खास बात: बजट में राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) 44.42 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है।
विपक्ष का 'गुल्लक' प्रदर्शन और तीखे प्रहार
बजट पेश होने से पहले सदन के बाहर सियासी पारा गरमाया रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में गुल्लक लेकर पहुंचे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार "कर्ज लेकर घी पी रही है" और प्रदेश की तिजोरी खाली हो चुकी है। कांग्रेस ने वित्तीय कुप्रबंधन और बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार की घेराबंदी की।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने करों से 1.17 लाख करोड़ रुपये जुटाएगी। उन्होंने कहा, "यह बजट प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने वाला दस्तावेज है, जिसमें समाज के हर वर्ग—किसान, युवा, महिला और गरीब का ध्यान रखा गया है।"