बदल जाएंगे फॉर्म 16 और 26AS के नाम, टैक्सपेयर्स के लिए 'कन्फ्यूजन' खत्म करने की तैयारी
भारत का इनकम टैक्स ढांचा एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। आयकर विभाग ने 'ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026' पेश किए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाले इनकम टैक्स एक्ट 2025 का आधार बनेंगे। इस बदलाव का सबसे बड़ा उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और टैक्सपेयर्स, विशेषकर सैलरीड क्लास (वेतनभोगी वर्ग) के बीच होने वाले भ्रम को दूर करना है।
18 Feb 2026
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नई दिल्ली: भारत का इनकम टैक्स ढांचा एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। आयकर विभाग ने 'ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026' पेश किए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाले इनकम टैक्स एक्ट 2025 का आधार बनेंगे। इस बदलाव का सबसे बड़ा उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और टैक्सपेयर्स, विशेषकर सैलरीड क्लास (वेतनभोगी वर्ग) के बीच होने वाले भ्रम को दूर करना है।
प्रमुख बदलाव: नए नाम, नई पहचान
नए नियमों के तहत सबसे चर्चित बदलाव उन फॉर्म्स के नामों में है, जिनसे हर टैक्सपेयर का वास्ता पड़ता है। अब प्रचलित फॉर्म्स को नए नंबरों से जाना जाएगा:
| वर्तमान फॉर्म | नया नाम (प्रस्तावित) | विवरण |
|---|---|---|
| फॉर्म 16 | फॉर्म 130 | एम्प्लॉयर द्वारा जारी सैलरी और टीडीएस सर्टिफिकेट। |
| फॉर्म 26AS | फॉर्म 168 | टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट (TDS, TCS और एडवांस टैक्स का ब्योरा)। |
अब 'असेसमेंट ईयर' का चक्कर खत्म
टैक्सपेयर्स के लिए सबसे राहत की बात यह है कि अब 'प्रीवियस ईयर' (Previous Year) और 'असेसमेंट ईयर' (Assessment Year) जैसे तकनीकी शब्दों का बोझ खत्म हो जाएगा।
अब केवल 'टैक्स ईयर' (Tax Year) शब्द का इस्तेमाल होगा।
उदाहरण के लिए, नए फॉर्म 130 और 168 में सीधे 'टैक्स ईयर 2026-27' लिखा होगा, जिससे यह समझना आसान होगा कि टैक्स किस अवधि का भरा जा रहा है।
क्या टैक्स नियमों में भी होगा बदलाव?
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल फॉर्म के नंबर और शब्दावली बदली जा रही है, टैक्स की मूल पॉलिसियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। टैक्स भरने के नियम, डेडलाइन और कंप्लायंस की प्रक्रिया पहले की तरह ही आसान बनी रहेगी। यह बदलाव केवल सिस्टम को अधिक पारदर्शी और 'यूजर फ्रेंडली' बनाने के लिए है।
विशेष नोट: ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, फॉर्म 130 (पुराना फॉर्म 16) अभी भी एम्प्लॉयर द्वारा 15 जून तक ही जारी किया जाएगा।
सुझाव देने का आखिरी मौका
आयकर विभाग ने इन ड्राफ्ट नियमों पर जनता और विशेषज्ञों से राय मांगी है।
अंतिम तिथि: टैक्सपेयर्स, सीए (CA) और एक्सपर्ट्स 22 फरवरी तक अपने सुझाव दे सकते हैं।
अगला कदम: सुझावों की समीक्षा के बाद अगले 1-2 महीनों में फाइनल रूल्स जारी कर दिए जाएंगे, जो नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से प्रभावी होंगे।