एआई इम्पैक्ट समिट: भारत बना दुनिया का 'टेक टैलेंट हब', पीएम मोदी और वैश्विक दिग्गजों ने भविष्य की तकनीक पर दिया जोर
भारत मंडपम राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े 'एआई इम्पैक्ट समिट' के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं और टेक जगत की दिग्गज हस्तियों को संबोधित किया। समिट के इस भव्य आयोजन में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे भारत एआई (Artificial Intelligence) के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है।
19 Feb 2026
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नई दिल्ली | भारत मंडपम राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े 'एआई इम्पैक्ट समिट' के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं और टेक जगत की दिग्गज हस्तियों को संबोधित किया। समिट के इस भव्य आयोजन में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे भारत एआई (Artificial Intelligence) के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है।
पीएम मोदी का विजन: भारत बनेगा ग्लोबल एआई लीडर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े 'टेक टैलेंट पूल' का केंद्र है। उन्होंने कहा, "भारत की युवा प्रतिभा और नवाचार की शक्ति पूरी दुनिया के लिए एक नई उम्मीद है।" पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि एआई न केवल तकनीक है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है।
मैक्रों का 'नमस्ते' और सुंदर पिचाई की पुरानी यादें
समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत 'नमस्ते' से की, जिसने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने भारत के यूपीआई (UPI) और डिजिटल क्रांति की जमकर तारीफ की।
वहीं, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अपनी छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि वे कोरोमंडल एक्सप्रेस से खड़गपुर जाया करते थे। उन्होंने विशाखापत्तनम में गूगल द्वारा 15 अरब डॉलर के निवेश से बन रहे 'फुल-स्टैक एआई हब' की घोषणा की, जो भारत को गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता प्रदान करेगा।
टाटा और ओपनएआई (OpenAI) के बीच बड़ी साझेदारी
टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने समिट में एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि टाटा ग्रुप भारत का पहला बड़े पैमाने पर AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है।
साझेदारी: इसके लिए टाटा ने OpenAI के साथ हाथ मिलाया है।
क्षमता: शुरुआत 100 मेगावाट से होगी, जिसे बाद में 1 गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा।
प्रमुख वैश्विक मेहमानों की उपस्थिति
समिट में शिरकत करने वाले कुछ प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष और नेता:
| देश | प्रतिनिधि |
|---|---|
| फ्रांस | राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों |
| ब्राजील | राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा |
| भूटान | प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे |
| यूएई | क्राउन प्रिंस शेख खालिद |
| स्पेन | प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज |
| नीदरलैंड | प्रधानमंत्री डिक स्कूफ |
| संयुक्त राष्ट्र | महासचिव एंटोनियो गुटेरेस |
निष्कर्ष
16 फरवरी से शुरू हुए इस आठ-दिवसीय सम्मेलन ने भारत को वैश्विक एआई विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है। स्टार्टअप्स से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक, हर कोई भारत की बदलती डिजिटल तस्वीर का गवाह बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह समिट 'आत्मनिर्भर भारत' और 'डिजिटल इंडिया' के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम कर रही है।