असम का सियासी रण: प्रियंका गांधी ने संभाला मोर्चा, कांग्रेस के 'नए चुनावी प्रयोग' पर टिकी सबकी नज़रें
असम विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीनों का समय शेष है। ऐसे में राज्य की सत्ता से लंबे समय से बाहर कांग्रेस ने वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज (गुरुवार) से दो दिवसीय असम दौरे पर हैं, जहाँ वे न केवल पार्टी की गुटबाजी को शांत करने की कोशिश करेंगी, बल्कि टिकट बंटवारे के लिए एक 'नया मॉडल' भी पेश कर रही हैं।
19 Feb 2026
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गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीनों का समय शेष है। ऐसे में राज्य की सत्ता से लंबे समय से बाहर कांग्रेस ने वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज (गुरुवार) से दो दिवसीय असम दौरे पर हैं, जहाँ वे न केवल पार्टी की गुटबाजी को शांत करने की कोशिश करेंगी, बल्कि टिकट बंटवारे के लिए एक 'नया मॉडल' भी पेश कर रही हैं।
प्रियंका का 'ग्राउंड-जीरो' एक्सपेरिमेंट
असम चुनाव में प्रियंका गांधी उम्मीदवारों के चयन के लिए एक अनूठा प्रयोग कर रही हैं। आमतौर पर स्क्रीनिंग कमेटी दिल्ली में बैठकर फैसले लेती है, लेकिन इस बार प्रियंका ने कमेटी के सदस्यों को सीधे जिलों में भेजा है।
सोशल इंजीनियरिंग: सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका (आदिवासी बहुल जिले), इमरान मसूद (मुस्लिम बहुल जिले) और सिरिवेल्ला प्रसाद को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
फीडबैक तंत्र: ये नेता स्थानीय कैडर और सिविल सोसाइटी से सीधे मिलकर फीडबैक ले रहे हैं। यदि यह 'असम मॉडल' सफल रहा, तो कांग्रेस इसे भविष्य के अन्य राज्यों के चुनावों में भी लागू कर सकती है।
चुनौतियों के बीच एकजुटता की परीक्षा
प्रियंका का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब असम कांग्रेस आंतरिक झटकों से जूझ रही है।
भूपेन बोरा का जाना: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे और उनके भाजपा की ओर झुकाव ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में डाल दिया है।
नेताओं का पलायन: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया सहित कई और नेता पाला बदल सकते हैं। हालांकि, सैकिया ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे भाजपा की 'विभाजनकारी राजनीति' करार दिया है।
बीजेपी का 'मिशन 50% वोट शेयर'
दूसरी ओर, भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 'बूथ विजय' का लक्ष्य रखा है। पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी नितिन नवीन ने डिब्रूगढ़ में कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया कि आगामी चुनाव में हर पोलिंग बूथ पर कम से कम 50% वोट सुनिश्चित किए जाएं। पिछले दो चुनावों में भाजपा को 45% से अधिक वोट मिले थे, जिसे अब और बढ़ाने की तैयारी है।
असम विधानसभा (कुल 126 सीटें) - 2021 का परिणाम:
| पार्टी | लड़ी गई सीटें | जीती गई सीटें |
|---|---|---|
| बीजेपी | 93 | 60 |
| कांग्रेस | 95 | 29 |
डीके शिवकुमार का दावा: कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विश्वास जताया है कि असम की जनता बदलाव चाहती है और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस मजबूती से सत्ता में वापसी करेगी।
निष्कर्ष: असम की चुनावी बिसात पर एक तरफ भाजपा का मजबूत संगठन और 'वोट प्रतिशत' बढ़ाने का लक्ष्य है, तो दूसरी तरफ प्रियंका गांधी का 'नया प्रयोग' और कांग्रेस को बिखरने से बचाने की चुनौती। आने वाले दो दिन असम की राजनीति की भविष्य की दिशा तय करेंगे।