बिहार के किसानों के लिए दोहरी खुशखबरी: बिना फार्मर आईडी भी मिलेगी सम्मान निधि; 'जननायक योजना' से बरसेगी अतिरिक्त सहायता
बिहार के लाखों किसानों के लिए कृषि विभाग ने राहत और उम्मीदों भरा पिटारा खोल दिया है। तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजी जटिलताओं के कारण 'फार्मर आईडी' (Farmer ID) न बन पाने की चिंता अब खत्म हो गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आईडी के अभाव में किसी भी पात्र किसान की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं रोकी जाएगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए 'जननायक किसान सम्मान योजना' का भी शंखनाद कर दिया है।
19 Feb 2026
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पटना/मुजफ्फरपुर: बिहार के लाखों किसानों के लिए कृषि विभाग ने राहत और उम्मीदों भरा पिटारा खोल दिया है। तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजी जटिलताओं के कारण 'फार्मर आईडी' (Farmer ID) न बन पाने की चिंता अब खत्म हो गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आईडी के अभाव में किसी भी पात्र किसान की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं रोकी जाएगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए 'जननायक किसान सम्मान योजना' का भी शंखनाद कर दिया है।
तकनीकी अड़चनें अब नहीं बनेंगी बाधा
राज्य में फार्मर आईडी बनाने का अभियान जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन जमाबंदी में नाम की विसंगति, बंटवारा नामा का अभाव और नामांतरण (Mutation) जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में रैयत किसान आईडी नहीं बनवा पा रहे थे। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सोशल मीडिया (X) के माध्यम से आश्वस्त किया है कि किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित नहीं किया जाएगा।
किसानों को मिलेगा 'डबल' फायदा
बिहार के किसानों के लिए अब सहायता राशि का गणित और भी मजबूत हो गया है:
पीएम किसान निधि: केंद्र सरकार की ओर से हर तीन माह में ₹2,000 की किस्त जारी रहेगी।
जननायक किसान सम्मान योजना: बिहार सरकार ने अपनी नई योजना के तहत पात्र किसानों को हर तिमाही ₹1,000 की अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय लिया है।
इस कदम से बिहार का किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होगा।
भविष्य के लिए फार्मर आईडी है 'डिजिटल चाबी'
यद्यपि वर्तमान में आईडी अनिवार्य नहीं है, लेकिन विभाग ने इसे भविष्य के लिए आवश्यक बताया है। अब तक राज्य के 45.18 लाख किसानों की आईडी तैयार हो चुकी है।
बड़ा लाभ: फार्मर आईडी होने पर किसानों को मात्र 10 से 15 मिनट में केसीसी (KCC) लोन जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
बिहार के खास उत्पादों को मिलेगा 'GI टैग'
कृषि विभाग बिहार की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। निम्नलिखित उत्पादों को जीआई (GI) टैग दिलाने का प्रस्ताव भेजा गया है:
दीघा का जर्दालु मालदा
शाहाबाद का सोनालिका चावल
मुंगेर का टिटिया धान
समस्तीपुर का जर्दालु आम
खेत से बाजार तक का रोडमैप
संवाद और स्टार्टअप: कृषि मंत्री विधानसभा सत्र के बाद जिलों का दौरा कर किसानों और एग्री-स्टार्टअप युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।
बाजार विकास: राज्य के 934 ग्रामीण हाटों के कायाकल्प की प्रक्रिया जारी है।
डिजिटल पहुंच: कृषि निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि 'कृषि ऐप' में नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं ताकि पंचायत स्तर तक योजनाओं की जानकारी आसानी से पहुँच सके।