ठाकरे बंधुओं में फिर बढ़ी तल्खी? शिंदे-राज की मुलाकात के बाद उद्धव का बड़ा दांव, BMC के 'स्वीकृत पार्षद' पद पर MNS को नहीं मिली जगह
महाराष्ट्र की राजनीति में 'ठाकरे बनाम ठाकरे' का अध्याय एक बार फिर गरमा गया है। मुंबई नगर निगम (BMC) के स्वीकृत पार्षद (Nominated Councilor) पदों को लेकर उद्धव ठाकरे द्वारा लिए गए एक हालिया फैसले ने राज ठाकरे की मनसे (MNS) की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे की मुलाकात से नाराज उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के कोटे से मनसे को एक भी पद न देने का मन बना लिया है।
19 Feb 2026
|
23
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ठाकरे बनाम ठाकरे' का अध्याय एक बार फिर गरमा गया है। मुंबई नगर निगम (BMC) के स्वीकृत पार्षद (Nominated Councilor) पदों को लेकर उद्धव ठाकरे द्वारा लिए गए एक हालिया फैसले ने राज ठाकरे की मनसे (MNS) की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे की मुलाकात से नाराज उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के कोटे से मनसे को एक भी पद न देने का मन बना लिया है।
उद्धव सेना ने तय किए नाम, MNS का पत्ता कटा
मुंबई नगर निगम में स्वीकृत पार्षद के तीन पदों के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के पास नामों की लंबी सूची थी। मनसे नेता यशवंत किल्लेदार ने सार्वजनिक रूप से उम्मीद जताई थी कि गठबंधन के नाते उद्धव सेना अपने कोटे का एक पद मनसे को देगी। लेकिन, ताजा जानकारी के अनुसार उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के तीन चेहरों पर मुहर लगाकर मनसे को जोर का झटका दिया है।
उद्धव सेना द्वारा पुष्ट किए गए संभावित नाम:
साईनाथ दुर्गे
माधुरी मांजरेकर
कैलाश पाठक
शिंदे-राज की मुलाकात बनी दरार की वजह?
बुधवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'नंदनवन' आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात के तुरंत बाद उद्धव ठाकरे का यह कड़ा फैसला सामने आया है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि उद्धव ठाकरे ने इस कदम के जरिए राज ठाकरे को स्पष्ट संदेश दिया है कि शिंदे गुट के साथ बढ़ती नजदीकी के परिणाम भुगतने होंगे।
गठबंधन की हार और पुराना विवाद
उद्धव और राज ठाकरे ने पिछला नगर निगम चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से ही दोनों दलों के बीच सामंजस्य की कमी दिखने लगी थी।
विवाद की जड़: कल्याण-डोंबिवली में मनसे ने शिंदे गुट का साथ दिया, जबकि चंद्रपुर में उद्धव सेना ने भाजपा का समर्थन किया। इन विरोधाभासों ने दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक दूरी को और बढ़ा दिया।
संजय राउत का तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तंज कसते हुए कहा:
"कौन किससे मिल रहा है, हम इसकी जासूसी नहीं करते। लेकिन एकनाथ शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को धोखा दिया है और मराठी मानुष के साथ बेईमानी की है। राज ठाकरे की मुलाकात पर जवाब वही दे सकते हैं, हमारा रुख बेईमानों के खिलाफ अडिग है।"
28 फरवरी को होगा आधिकारिक फैसला
बीएमसी में स्वीकृत पार्षदों के चयन की प्रक्रिया 28 फरवरी को पूरी होगी। उसी दिन इन नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या राज ठाकरे इस 'झटके' का जवाब आगामी चुनावों में एकनाथ शिंदे के साथ औपचारिक गठबंधन कर के देंगे।