भारत-अमेरिका संबंधों में नए युग का सूत्रपात: अप्रैल तक अंतरिम व्यापार समझौते पर लग सकती है मुहर

भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गए हैं। दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बयानों ने साफ कर दिया है कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय व्यापार को 'अगले स्तर' पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

20 Feb 2026  |  20

नई दिल्ली | भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गए हैं। दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बयानों ने साफ कर दिया है कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय व्यापार को 'अगले स्तर' पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अप्रैल तक व्यापार समझौता संभव: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ा अपडेट देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को इस साल अप्रैल तक लागू किए जाने की प्रबल संभावना है। केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत अन्य देशों के साथ भी व्यापारिक रिश्तों को मजबूत कर रहा है:

यूके और ओमान: इनके साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अप्रैल तक लागू हो सकते हैं।

न्यूजीलैंड: सितंबर तक FTA को ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा जल्द

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। गोर ने संकेत दिया कि व्यापार समझौते के साथ-साथ अमेरिकी टैरिफ में कमी और ऊर्जा-तकनीकी सहयोग पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

'पैक्स सिलिका' में भारत की एंट्री: तकनीकी महाशक्ति बनने की ओर कदम

समिट के दौरान भारत ने औपचारिक रूप से ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) में शामिल होने का एलान किया।

क्या है पैक्स सिलिका? यह अमेरिका के नेतृत्व वाली एक वैश्विक पहल है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सप्लाई चेन सुरक्षा पर केंद्रित है। सर्जियो गोर ने इसे "क्षमताओं का गठबंधन" करार दिया है।

इस ऐतिहासिक घोषणा के समय अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग और भारत के आईटी सचिव एस. कृष्णन सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित बैठक को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। राजदूत गोर ने कहा, "इंतजार कीजिए, मुझे पूरा विश्वास है कि यह बैठक सही समय पर होगी।" प्रमुख बिंदु:

दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात 13 फरवरी 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई थी।

वर्ष 2025 के दौरान दोनों के बीच व्यापार वार्ताओं को लेकर लगातार संवाद बना रहा है।

आगामी बैठक से रक्षा और हाई-टेक सेक्टर में बड़े समझौतों की उम्मीद है।

निष्कर्ष: असीम संभावनाओं का दौर

विशेषज्ञों का मानना है कि 'पैक्स सिलिका' में शामिल होना और अप्रैल तक व्यापार समझौते का लक्ष्य यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन में चीन के एक सशक्त विकल्प के रूप में उभर रहा है। अमेरिकी राजदूत के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच सहयोग के "व्यापक और असीम" अवसर मौजूद हैं।

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