भारत की नई ऊर्जा कूटनीति: रूसी तेल से बनाई दूरी, वेनेजुएला से वार्ता शुरू; अमेरिका के साथ 'टैरिफ युद्ध' पर विराम
वैश्विक ऊर्जा और व्यापारिक समीकरणों में एक युगांतरकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करते हुए अब वेनेजुएला के साथ नए सिरे से बातचीत शुरू कर दी है। इसके साथ ही, भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर मात्र 18% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
20 Feb 2026
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नई दिल्ली | वैश्विक ऊर्जा और व्यापारिक समीकरणों में एक युगांतरकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करते हुए अब वेनेजुएला के साथ नए सिरे से बातचीत शुरू कर दी है। इसके साथ ही, भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर मात्र 18% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
ऊर्जा विकल्पों में 'विविधता': वेनेजुएला बनेगा नया पार्टनर?
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की कि नई दिल्ली अपने तेल आयात के विकल्पों में विविधता ला रही है।
रूसी तेल पर रुख: अमेरिका स्पष्ट कर चुका है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन युद्ध की समाप्ति चाहते हैं और रूस के राजस्व स्रोतों को सीमित करना उनकी प्राथमिकता है।
वेनेजुएला से वार्ता: भारत अब वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के लिए सक्रिय रूप से चर्चा कर रहा है, जो रूस का एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।
ऐतिहासिक व्यापार समझौता: टैरिफ में 32% की भारी कटौती
भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापारिक वार्ताएं धरातल पर उतरती दिख रही हैं। राजदूत गोर के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर जल्द ही अंतिम मुहर लगने वाली है।
मुख्य आकर्षण: इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से होने वाले आयात पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे खोलने और द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देने वाला साबित होगा।
ट्रंप का दावा और भारत की सोची-समझी रणनीति
2 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि भारत रूसी तेल की खरीद पूरी तरह समाप्त करने पर सहमत हो गया है। हालांकि भारत सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक "पूर्ण विराम" वाला बयान नहीं दिया है, लेकिन वेनेजुएला के साथ शुरू हुई बातचीत ट्रंप के दावों को कूटनीतिक मजबूती देती नजर आ रही है।
अहम तथ्य एक नज़र में: | क्षेत्र | वर्तमान स्थिति | भविष्य का लक्ष्य | | :--- | :--- | :--- | | ऊर्जा स्रोत | मुख्य रूप से रूस | वेनेजुएला और अन्य खाड़ी देश | | अमेरिकी टैरिफ | 50% (पूर्व में प्रस्तावित/लागू) | 18% (नए समझौते के तहत) | | कूटनीतिक प्राथमिकता | रूस-यूक्रेन संतुलन | अमेरिका के साथ व्यापारिक एकीकरण |
भू-राजनीतिक निहितार्थ: 'शांति के लिए व्यापार'
सर्जियो गोर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप का विजन बहुत स्पष्ट है—वे उन सभी आर्थिक गतिविधियों को समाप्त करना चाहते हैं जो युद्ध को बढ़ावा देती हैं। भारत का वेनेजुएला की ओर रुख करना न केवल अमेरिका के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि एक 'जिम्मेदार शांतिदूत' के रूप में भी मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में यह भारी कटौती भारत के आईटी, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए "बूस्टर डोज" की तरह काम करेगी, जबकि ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य के झटकों से बचाएगा।