सोने की कीमतों में उछाल के बावजूद बरकरार है 'लस्टर': शादियों के सीजन ने आभूषण बाजार में फूंकी जान
सोने की आसमान छूती कीमतों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं का स्वर्ण प्रेम कम नहीं हो रहा है। जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के शानदार प्रदर्शन के बाद जनवरी में भी आभूषणों की मांग मजबूती के साथ टिकी हुई है।
20 Feb 2026
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मुंबई | सोने की आसमान छूती कीमतों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं का स्वर्ण प्रेम कम नहीं हो रहा है। जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के शानदार प्रदर्शन के बाद जनवरी में भी आभूषणों की मांग मजबूती के साथ टिकी हुई है।
दिग्गज ज्वैलर्स के मुनाफे में भारी बढ़ोतरी
संगठित क्षेत्र के बड़े आभूषण खुदरा विक्रेताओं ने इस तिमाही में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि बढ़ती कीमतों ने बिक्री की रफ्तार को रोकने के बजाय राजस्व में इजाफा किया है:
टाइटन (Titan): कंपनी के आभूषण कारोबार ने सालाना आधार पर राजस्व में 40% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।
कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers): इनके राजस्व में 42% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई। भारत में इनका कुल राजस्व बढ़कर 90 अरब रुपये के पार पहुंच गया है।
क्यों बढ़ रही है मांग? मुख्य कारण
आभूषणों की बिक्री में इस तेजी के पीछे विशेषज्ञों ने तीन प्रमुख कारण बताए हैं:
शादी-ब्याह की बड़ी खरीदारी: रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता अब छोटी खरीदारी के बजाय शादियों के लिए बड़ी और योजनाबद्ध खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। शादियों के सीजन ने मांग को निचले स्तर पर गिरने से बचाए रखा है।
लाइटवेट (हल्के वजन) आभूषणों का चलन: सोने की कीमतें बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव आया है। अब लोग भारी गहनों के बजाय आधुनिक और हल्के वजन के आभूषणों की मांग कर रहे हैं। संगठित विक्रेताओं के पास इस श्रेणी में विस्तृत रेंज उपलब्ध होने के कारण उनकी बिक्री बढ़ी है।
स्टोर्स का विस्तार: प्रमुख आभूषण ब्रांड्स ने देश भर में अपने नए स्टोर्स की संख्या बढ़ाई है, जिससे नए बाजारों तक उनकी पहुंच आसान हुई है।
चुनौतियां और मौसमी प्रभाव
हालांकि जनवरी का महीना मिला-जुला रहा। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर भारत में अत्यधिक सर्दी और कुछ क्षेत्रीय व्यवधानों के कारण जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खरीदारी में मामूली मंदी देखी गई। इसके अलावा, जीएसटी (GST) दरों में कटौती का अपेक्षित लाभ अभी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरा है, क्योंकि ग्राहक अभी भी बड़ी खरीदारी और छूट वाले विकल्पों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।
बाजार का भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में साल-दर-साल 65% की वृद्धि एक बड़ा सकारात्मक कारक रही है, क्योंकि इसने निवेश के रूप में सोने के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। आने वाले महीनों में अक्षय तृतीया और शादियों के अगले चरण से बाजार में और तेजी आने की उम्मीद है।