क्या AI ले सकता है सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह? अमेज़न के 'Kiro' बॉट की गलती से AWS सेवा ठप, उठा बड़ा सवाल
तकनीकी जगत में इन दिनों एक ही बहस छिड़ी है—क्या AI बॉट्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह ले सकते हैं? जहाँ टेक दिग्गज इसके पक्ष में तर्क दे रहे हैं, वहीं हाल ही में अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के साथ हुई एक घटना ने इस दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
20 Feb 2026
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क्या AI ले सकता है सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह? अमेज़न के 'Kiro' बॉट की गलती से AWS सेवा ठप, उठा बड़ा सवाल
सिएटल/न्यूयॉर्क | तकनीकी जगत में इन दिनों एक ही बहस छिड़ी है—क्या AI बॉट्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह ले सकते हैं? जहाँ टेक दिग्गज इसके पक्ष में तर्क दे रहे हैं, वहीं हाल ही में अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के साथ हुई एक घटना ने इस दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
क्या था मामला?
दिसंबर में अमेज़न के इंटरनल एजेंटिक AI बॉट 'Kiro' को एक सॉफ्टवेयर समस्या को ठीक करने के लिए स्वायत्तता (Autonomy) दी गई थी। 'Financial Times' की एक रिपोर्ट के अनुसार, Kiro ने अपना काम तो कर दिया, लेकिन उसके ठीक बाद AWS की सेवाओं में एक बड़ा तकनीकी ग्लिच (Glitch) आ गया, जिसके कारण कई घंटों तक सेवाएं बाधित रहीं।
AI बनाम सॉफ्टवेयर इंजीनियर: मौजूदा स्थिति
टेक इंडस्ट्री के कई लीडर 'Claude' और 'Gemini' जैसे AI बॉट्स को रूटीन सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कार्यों के लिए बढ़ावा दे रहे हैं। लेकिन अमेज़न की इस घटना ने 'रिलायबिलिटी' (विश्वसनीयता) पर नई बहस छेड़ दी है:
स्वायत्तता का जोखिम: जब AI को बिना मानवीय हस्तक्षेप के कोड बदलने या फिक्स करने की आजादी दी जाती है, तो वह जटिल सिस्टम के अन्य हिस्सों पर पड़ने वाले 'साइड इफेक्ट्स' को समझने में विफल रह सकता है।
दक्षता बनाम सटीकता: AI कोड लिखने की गति तो बढ़ा सकता है, लेकिन अमेज़न का मामला साबित करता है कि क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में एक छोटी सी गलती घंटों का डाउनटाइम दे सकती है।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
एजेंटिक AI की सीमाएं: रिपोर्ट संकेत देती है कि वर्तमान में AI बॉट्स पर पूरी तरह निर्भर रहना व्यावहारिक (Feasible) नहीं है।
रूटीन वर्क तक सीमित: विशेषज्ञ मानते हैं कि AI फिलहाल केवल छोटे और नियमित कार्यों (Routine tasks) के लिए उपयुक्त है, न कि जटिल समस्या समाधान (Problem Solving) के लिए।
विशेषज्ञों की राय
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग केवल कोड लिखना नहीं है, बल्कि सिस्टम के आर्किटेक्चर को समझना भी है। अमेज़न के इंजीनियरों ने जब Kiro को AWS की समस्या सुलझाने के लिए तैनात किया, तो परिणाम विपरीत रहे। यह घटना चेतावनी है कि "Human-in-the-loop" (प्रक्रिया में मानव की भागीदारी) अभी भी अनिवार्य है।
भविष्य की राह: कंपनियां अब 'एजेंटिक वर्कफ्लो' की समीक्षा कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में Kiro जैसे बॉट्स समाधान के बजाय नई समस्याएं खड़ी न करें।