मानहानि मामला: भिवंडी कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, नए जमानतदार के साथ पूरी की कानूनी प्रक्रिया

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार (21 फरवरी) को महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में पेश हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ दिए गए वर्ष 2014 के एक कथित बयान से जुड़े मानहानि मामले में उन्हें कोर्ट के समक्ष हाजिर होना पड़ा। यह लगातार दूसरा दिन है जब राहुल गांधी किसी कानूनी मामले में अदालत के चक्कर काट रहे हैं।

21 Feb 2026  |  21

भिवंडी (महाराष्ट्र) |  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार (21 फरवरी) को महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में पेश हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ दिए गए वर्ष 2014 के एक कथित बयान से जुड़े मानहानि मामले में उन्हें कोर्ट के समक्ष हाजिर होना पड़ा। यह लगातार दूसरा दिन है जब राहुल गांधी किसी कानूनी मामले में अदालत के चक्कर काट रहे हैं।

क्यों पड़ी नए जमानतदार की जरूरत?

राहुल गांधी को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। हालांकि, उनके पुराने जमानतदार (गारंटर) शिवराज पाटिल के निधन के बाद तकनीकी रूप से एक रिक्तता पैदा हो गई थी। कानूनी नियमों के तहत, जमानत की प्रक्रिया को नियमित करने के लिए उन्हें आज एक नया जमानतदार पेश करना था।

मामले की पृष्ठभूमि: * शिकायतकर्ता: भिवंडी के RSS कार्यकर्ता राजेश कुंटे।

आरोप: 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान संघ के विरुद्ध कथित अपमानजनक टिप्पणी।

पिछली पेशियां: सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी अब तक इस मामले में तीन बार कोर्ट में पेश हो चुके हैं।

लगातार दूसरे दिन कोर्ट की दहलीज पर

राहुल गांधी के लिए यह हफ्ता कानूनी व्यस्तताओं से भरा रहा है। भिवंडी आने से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार (20 फरवरी) को वे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में थे, जहाँ उन्हें MP-MLA कोर्ट में पेश होना पड़ा था। सुल्तानपुर के बाद आज भिवंडी में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में सरगर्मी बढ़ा दी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर

नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए भिवंडी कोर्ट परिसर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए:

बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad): सुबह से ही पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई।

डॉग स्क्वॉड: परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली गई।

भारी पुलिस बल: स्थानीय पुलिस और विशेष सुरक्षा एजेंसियों के सैकड़ों जवान तैनात रहे।

आगे क्या?

जमानत की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर भी है कि राहुल गांधी ने अपना नया 'गारंटर' किसे चुना है, क्योंकि यह कानूनी रूप से एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

विशेष नोट: राहुल गांधी की इन बैक-टू-बैक पेशियों को कांग्रेस पार्टी 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दे रही है, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष इसे 'कानून की सामान्य प्रक्रिया' बता रहा है।

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