बिहार में 'सात निश्चय-3' का शंखनाद: पैदल यात्रियों को मिलेगा 'सड़क पर पहला अधिकार', सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश
बिहार की नई सरकार ने प्रदेशवासियों के जीवन स्तर को सुधारने और सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'सात निश्चय-3' (2025-30) के तहत एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। 'सबका सम्मान-जीवन आसान' (Ease of Living) पहल के जरिए अब राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वालों को न केवल सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें 'सड़क पर पहला अधिकार' देने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है।
21 Feb 2026
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पटना | बिहार की नई सरकार ने प्रदेशवासियों के जीवन स्तर को सुधारने और सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'सात निश्चय-3' (2025-30) के तहत एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। 'सबका सम्मान-जीवन आसान' (Ease of Living) पहल के जरिए अब राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वालों को न केवल सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें 'सड़क पर पहला अधिकार' देने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है।
बढ़ते वाहनों के बीच पैदल यात्रियों का 'सम्मान'
20 नवंबर 2025 को गठित नई सरकार के सातवें निश्चय के तहत परिवहन विभाग को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का मानना है कि राज्य की आर्थिक प्रगति के साथ दोपहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे पैदल यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। अब इस असुविधा को दूर करने के लिए बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
परिवहन विभाग के लिए 5 मुख्य एजेंडे
सरकार ने पैदल यात्रियों की राह आसान करने के लिए निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है:
फुटपाथ का जाल: शहरी क्षेत्रों और विशेषकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों को चिह्नित कर तत्काल फुटपाथ निर्माण के आदेश दिए गए हैं।
जेब्रा क्रॉसिंग और अंडरपास: सुरक्षित सड़क पार करने के लिए प्रमुख चौराहों पर जेब्रा क्रॉसिंग, फुट ओवर ब्रिज (FOB), एस्केलेटर और अंडरपास बनाए जाएंगे।
ब्लैक स्पॉट पर पैनी नजर: ग्रामीण और शहरी इलाकों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) की पहचान कर वहां CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और विशेष फुटपाथ तैयार किए जाएंगे।
चालकों की ट्रेनिंग: सरकारी और निजी वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पैदल चलने वालों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनें।
त्वरित क्रियान्वयन: इन सभी सुविधाओं को धरातल पर उतारने के लिए परिवहन विभाग को मिशन मोड में काम करने को कहा गया है।
क्या है 'सबका सम्मान-जीवन आसान' पहल?
यह पहल 'सात निश्चय-3' का सातवां स्तंभ है, जिसका मुख्य उद्देश्य तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को सुलभ बनाना है। पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाना इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का विजन: "सड़क पर सुरक्षित और सम्मान के साथ चलना हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। हमारी कोशिश है कि बिहार की सड़कों पर पैदल चलने वाले यात्री खुद को उपेक्षित नहीं, बल्कि सुरक्षित महसूस करें।"