सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप: जजों को बताया 'शर्मनाक', बोले- 'मेरे पास और भी घातक विकल्प'

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैश्विक टैरिफ (Global Tariff) को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यायपालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कोर्ट के फैसले को 'बेहद निराशाजनक' बताते हुए ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने न केवल जजों की आलोचना की, बल्कि तत्काल प्रभाव से 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने की घोषणा भी कर दी है।

21 Feb 2026  |  19

वॉशिंगटन | विशेष संवाददाता

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैश्विक टैरिफ (Global Tariff) को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यायपालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कोर्ट के फैसले को 'बेहद निराशाजनक' बताते हुए ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने न केवल जजों की आलोचना की, बल्कि तत्काल प्रभाव से 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने की घोषणा भी कर दी है।

"कोर्ट को आनी चाहिए शर्म": ट्रंप का सीधा हमला

फैसले के तुरंत बाद अपनी प्रतिक्रिया में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मुझे कोर्ट के उन सदस्यों पर शर्म आती है जिनमें देशहित में सही फैसला लेने का साहस नहीं है। यह फैसला पूरी तरह गलत है।" ट्रंप ने बहुमत के साथ जाने वाले जजों को आड़े हाथों लिया, जबकि उनका साथ देने वाले तीन जजों—थॉमस, एलिटो और कवानॉघ—की उनके 'साहस और बुद्धिमत्ता' के लिए सराहना की।

नया दांव: 'धारा 122' के तहत लगेगा टैक्स

सुप्रीम कोर्ट ने जिस IEEPA कानून के तहत टैरिफ को रद्द किया था, ट्रंप ने अब उसका तोड़ निकाल लिया है। राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि:

धारा 122 का उपयोग: वे अब धारा 122 के तहत एक नए आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिससे 10% अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ फिर से लागू हो जाएगा।

सुरक्षा टैरिफ बरकरार: धारा 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा) और धारा 301 के तहत लगे मौजूदा टैरिफ यथावत रहेंगे।

शक्तिशाली विकल्प: ट्रंप का दावा है कि उनके पास राष्ट्रपति के रूप में ऐसे कई कानूनी अधिकार हैं जो कोर्ट द्वारा रद्द किए गए टैरिफ से भी अधिक "शक्तिशाली" हैं।

"विदेशी देश सड़कों पर नाच रहे हैं"

ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि जो देश वर्षों से अमेरिका को 'लूट' रहे हैं, वे इस फैसले के बाद सड़कों पर नाच रहे हैं, लेकिन उनका यह जश्न ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट विदेशी हितों और एक छोटे लेकिन शोर मचाने वाले 'अज्ञानी राजनीतिक आंदोलन' से प्रभावित हुआ है।

टैरिफ को बताया 'शांति का हथियार'

अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने बड़े दावे किए:

शेयर बाजार की छलांग: उन्होंने डॉव इंडेक्स के 50,000 और एसएंडपी के 7,000 पार करने का श्रेय अपनी आर्थिक नीतियों को दिया।

युद्ध और सुरक्षा: ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने टैरिफ के प्रभावी इस्तेमाल से 8 युद्धों को खत्म किया (जिनमें से 5 में टैरिफ का सीधा हाथ था)।

ड्रग्स पर लगाम: उन्होंने कहा कि अवैध फेंटानिल भेजने वाले देशों पर टैरिफ लगाकर इस 'जहर' की मात्रा को 30% तक कम किया है।

विशेषज्ञों की चिंता: फिर बढ़ेगा टकराव

कानूनी और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप द्वारा 'धारा 122' का उपयोग करने से व्हाइट हाउस और सुप्रीम कोर्ट के बीच टकराव एक नए स्तर पर पहुँच जाएगा। जहाँ निवेशक बाजार की स्थिरता को लेकर आशंकित हैं, वहीं ट्रंप का अड़ियल रुख वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंगारी को फिर से हवा दे सकता है।

बड़ी बात: ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे 'अमेरिका फर्स्ट' के अपने एजेंडे के लिए कोर्ट और कांग्रेस द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य कानूनों का सहारा लेकर टैरिफ वार जारी रखेंगे।

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