मेरठ: पीएम मोदी के दौरे से पहले 'चंदा' विवाद, साजिश या सामान्य घटना?
मेरठ के कैंट विधानसभा क्षेत्र के सदर इलाके में कुछ बाहरी लोगों द्वारा घरों और दुकानों में घुसकर बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये लोग जबरन वसूली कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
21 Feb 2026
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1. क्या है पूरा विवाद?
मेरठ के कैंट विधानसभा क्षेत्र के सदर इलाके में कुछ बाहरी लोगों द्वारा घरों और दुकानों में घुसकर बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये लोग जबरन वसूली कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
2. विधायक अमित अग्रवाल के गंभीर आरोप
क्षेत्रीय विधायक अमित अग्रवाल ने मौके पर पहुँचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
बाहरी संदिग्ध: चंदा मांगने वाले लोग कश्मीर, बंगाल और असम जैसे राज्यों से आए हैं।
बड़ी साजिश की आशंका: शहर में RSS प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी और 22 फरवरी को पीएम मोदी व सीएम योगी के कार्यक्रम के मद्देनजर इन संदिग्ध गतिविधियों को विधायक ने सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
पुलिस पर ढिलाई का आरोप: विधायक का कहना है कि पुलिस ने बिना ठोस पूछताछ और जांच के ही इन संदिग्धों को छोड़ दिया। वे इसकी शिकायत गृह सचिव से करने की तैयारी में हैं।
3. पुलिस प्रशासन का पक्ष: "यह हर साल की प्रक्रिया"
पुलिस ने विधायक और स्थानीय लोगों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि:
जांच में पाया गया कि पकड़े गए लोग बिहार, बंगाल और असम के थे।
रमजान के महीने के आसपास अक्सर विभिन्न राज्यों से लोग चंदा इकट्ठा करने आते हैं।
पूछताछ के बाद कुछ भी संदिग्ध न पाए जाने पर उन्हें वापस भेज दिया गया है।
विवाद के मुख्य बिंदु: एक नजर में
| पक्ष | मुख्य तर्क | चिंता/तर्क |
|---|---|---|
| स्थानीय लोग/विधायक | बाबरी मस्जिद के नाम पर जबरन वसूली। | पीएम के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा में चूक और साजिश। |
| पुलिस प्रशासन | रूटीन चंदा प्रक्रिया (सीजनल)। | जांच में कुछ भी अवैध या संदिग्ध नहीं मिला। |