NSE का बड़ा धमाका: 16 मार्च से आम लोग भी कर सकेंगे 'GOLD10G' में ट्रेड, सोने में निवेश हुआ और भी आसान
भारतीय कमोडिटी बाजार में अब छोटे निवेशकों की चांदी होने वाली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आगामी 16 मार्च से अपना नया ‘गोल्ड 10 ग्राम फ्यूचर्स’ कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करने जा रहा है। सेबी (SEBI) की मंजूरी के बाद अब सोना केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोग भी कम पूंजी के साथ सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का लाभ उठा सकेंगे।
21 Feb 2026
|
19
मुंबई | भारतीय कमोडिटी बाजार में अब छोटे निवेशकों की चांदी होने वाली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आगामी 16 मार्च से अपना नया ‘गोल्ड 10 ग्राम फ्यूचर्स’ कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करने जा रहा है। सेबी (SEBI) की मंजूरी के बाद अब सोना केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोग भी कम पूंजी के साथ सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का लाभ उठा सकेंगे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
NSE के इस नए कदम से कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में एक नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। निवेशक 'GOLD10G' सिंबल के तहत इस कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेड कर पाएंगे।
प्रमुख विशेषताएं:
ट्रेडिंग का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:00 बजे से रात 11:30 बजे तक (विशेष परिस्थितियों में रात 11:55 बजे तक)।
कॉन्ट्रैक्ट साइज: 10 ग्राम सोना (999 शुद्धता)।
अधिकतम ऑर्डर लिमिट: एक बार में 10 किलोग्राम तक की खरीद-फरोख्त।
एक्सपायरी: हर महीने के आखिरी वर्किंग डे पर कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायर होगा।
अनिवार्य डिलीवरी और शुद्धता की गारंटी
इस कॉन्ट्रैक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनिवार्य डिलीवरी (Compulsory Delivery) प्रणाली है।
गुणवत्ता: ग्राहकों को 999 शुद्धता वाला सोना मिलेगा, जिसके साथ प्रामाणिक गुणवत्ता सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
लोकेशन: डिलीवरी अहमदाबाद सेंटर पर दी जाएगी और कीमतें भी अहमदाबाद के स्पॉट गोल्ड भाव पर आधारित होंगी।
कर: कीमतों में कस्टम ड्यूटी शामिल होगी, लेकिन जीएसटी (GST) का भुगतान निवेशक को अलग से करना होगा।
जोखिम प्रबंधन के कड़े नियम
बाजार में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव से छोटे निवेशकों को बचाने के लिए NSE ने पुख्ता इंतजाम किए हैं:
डेली प्राइस लिमिट: शुरुआती सीमा 6% तय की गई है। यदि बाजार अधिक अस्थिर होता है, तो 15 मिनट के 'कूलिंग-ऑफ' पीरियड के बाद इसे 9% तक बढ़ाया जा सकता है।
पोजिशन लिमिट: किसी भी व्यक्तिगत निवेशक के लिए अधिकतम लिमिट 5 मीट्रिक टन रखी गई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से सोने के बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम आदमी के लिए फिजिकल गोल्ड रखने के बजाय डिजिटल तरीके से ट्रेड कर डिलीवरी लेना सुरक्षित और आसान हो जाएगा।