एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने चला 'दोहा समझौते' का दांव, तालिबान ने दी भीषण परिणाम की चेतावनी
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब सैन्य टकराव के खतरनाक मुकाम पर पहुँच गया है। रविवार तड़के पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा अफगान सीमा के भीतर सात अलग-अलग स्थानों पर किए गए हवाई हमलों ने क्षेत्रीय शांति को भंग कर दिया है। जहाँ पाकिस्तान इसे 'आतंकवाद विरोधी' कार्रवाई बता रहा है, वहीं तालिबान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार देते हुए जवाबी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है।
22 Feb 2026
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इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब सैन्य टकराव के खतरनाक मुकाम पर पहुँच गया है। रविवार तड़के पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा अफगान सीमा के भीतर सात अलग-अलग स्थानों पर किए गए हवाई हमलों ने क्षेत्रीय शांति को भंग कर दिया है। जहाँ पाकिस्तान इसे 'आतंकवाद विरोधी' कार्रवाई बता रहा है, वहीं तालिबान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार देते हुए जवाबी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है।
हमलों के पीछे पाकिस्तान का तर्क
पाकिस्तानी सेना और सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को 'मजबूरी' बताया है। पाकिस्तान का दावा है कि:
हाल ही में इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों की योजना अफगानिस्तान की धरती पर रची गई थी।
इन हमलों की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और ISKP ने ली थी, जिनके सुरक्षित ठिकाने अफगानिस्तान में मौजूद हैं।
खुफिया जानकारी के आधार पर ही इन विशिष्ट ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
विक्टिम कार्ड और 'दोहा समझौते' का राग
दिलचस्प बात यह है कि हमलों के बाद अब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगा रहा है। पाकिस्तान ने मांग की है कि वैश्विक शक्तियाँ तालिबान पर 'दोहा समझौते' का पालन करने के लिए दबाव बनाएं।
क्या है दोहा समझौते का पेच? फरवरी 2020 में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए इस समझौते के तहत तालिबान ने वादा किया था कि वह अफगान धरती का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। हालांकि, पाकिस्तान इस समझौते का सीधा हिस्सा नहीं था, लेकिन अब वह दुनिया के सामने खुद को 'पीड़ित' (Victim) दिखाकर अमेरिका और अन्य देशों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
तालिबान की कड़ी प्रतिक्रिया: "सही समय पर देंगे जवाब"
हवाई हमलों में दर्जनों आम नागरिकों के मारे जाने की खबर से अफगान तालिबान बेहद आक्रोश में है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान ने अपनी सुरक्षा नाकामियों का गुस्सा निर्दोष अफगान नागरिकों पर निकाला है। तालिबान ने स्पष्ट किया है कि वह इस हमले को भुलाएगा नहीं और इसका "सही समय पर माकूल जवाब" दिया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय: पाकिस्तान की दोहरी रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान एक तरफ सैन्य कार्रवाई कर रहा है और दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर दोहा समझौते का हवाला देकर तालिबान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की रणनीति अपना रहा है। हालांकि, सीधे पक्षकार न होने के बावजूद इस समझौते का राग अलापना पाकिस्तान की हताशा को दर्शाता है।