स्कूल में मासूम से दरिंदगी, 4 शिक्षकों समेत 5 गिरफ्तार; 'पोक्सो' के तहत कड़ी कार्रवाई
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल में 7वीं कक्षा की 12 वर्षीय छात्रा के साथ लंबे समय तक यौन शोषण के आरोप में स्कूल के चार शिक्षकों और एक चपरासी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित सुनवाई पहल (STI) के तहत जांच शुरू कर दी है।
22 Feb 2026
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केंद्रपाड़ा (ओडिशा): ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल में 7वीं कक्षा की 12 वर्षीय छात्रा के साथ लंबे समय तक यौन शोषण के आरोप में स्कूल के चार शिक्षकों और एक चपरासी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित सुनवाई पहल (STI) के तहत जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
ओलावर स्थित 'ऑक्सफोर्ड इंग्लिश मीडियम स्कूल' में पढ़ने वाली छात्रा के साथ यह घिनौनी वारदात लंबे समय से चल रही थी। पीड़िता की माँ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने डरा-धमकाकर और लालच देकर बच्ची का शोषण किया। 14 जनवरी को जब बच्ची घर में रोती हुई पाई गई, तब उसने अपनी आपबीती सुनाई। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने में एक महीने से अधिक का समय लगा।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने शिकायत मिलते ही कार्रवाई की और स्कूल में छापेमारी कर निम्नलिखित पांच लोगों को गिरफ्तार किया:
चंदन कुमार प्रुस्टी (शिक्षक)
विश्व रंजन साहू (शिक्षक)
रश्मि कांत बिस्वाल (शिक्षक)
मिनती बाई (शिक्षिका - अपराध में सहायता करने का आरोप)
रश्मि रंजन राणा (चपरासी)
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें सामूहिक बलात्कार, आपराधिक धमकी और बाल यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
जांच की वर्तमान स्थिति
फोरेंसिक जांच: फोरेंसिक टीम ने स्कूल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
बयान दर्ज: पीड़िता का बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 180 के तहत एक महिला अधिकारी द्वारा 'चाइल्ड-फ्रेंडली' वातावरण में दर्ज किया गया है। धारा 183 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान दर्ज कराए जाएंगे।
काउंसलिंग: छात्रा की गंभीर मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychological Counselling) प्रदान किया जा रहा है।
"शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस मामले में पुलिस पूरी तत्परता से साक्ष्य जुटा रही है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके।" — संजय मल्लिक (थाना अधिकारी)