किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों का बड़ा प्रहार: खूंखार जैश कमांडर 'सैफुल्ला' समेत 3 आतंकी ढेर, 'ऑपरेशन त्राशी-I' सफल
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक सफलता हासिल की है। रविवार (22 फरवरी, 2026) को शुरू हुए एक भीषण एनकाउंटर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मोस्ट वांटेड कमांडर सैफुल्ला सहित तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। 'ऑपरेशन त्राशी-I' (Operation Trashi-I) के तहत की गई यह कार्रवाई किश्तवाड़ के दुर्गम छत्रू क्षेत्र (Chatroo) के जंगलों में अंजाम दी गई।
23 Feb 2026
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किश्तवाड़/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक सफलता हासिल की है। रविवार (22 फरवरी, 2026) को शुरू हुए एक भीषण एनकाउंटर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मोस्ट वांटेड कमांडर सैफुल्ला सहित तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। 'ऑपरेशन त्राशी-I' (Operation Trashi-I) के तहत की गई यह कार्रवाई किश्तवाड़ के दुर्गम छत्रू क्षेत्र (Chatroo) के जंगलों में अंजाम दी गई।
सैफुल्ला: ₹20 लाख का इनामी और हमलों का मास्टरमाइंड
मारे गए आतंकियों में सैफुल्ला की पहचान सबसे महत्वपूर्ण है। उस पर ₹20 लाख का इनाम घोषित था।
मास्टरमाइंड: वह जुलाई 2024 में हुए उस हमले का मुख्य साजिशकर्ता था जिसमें 4 भारतीय जवान शहीद हुए थे।
लंबा इतिहास: सैफुल्ला पिछले 5 वर्षों से चिनाब घाटी में सक्रिय था और कई बार सुरक्षा बलों के घेरे से भागने में सफल रहा था। हाल ही में पुलिस ने उसके पोस्टर लगाकर सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा की थी।
ऑपरेशन त्राशी-I: ऐसे बिछाया गया जाल
खुफिया एजेंसियों (IB और J&K पुलिस) को सूचना मिली थी कि 2-3 भारी हथियारों से लैस विदेशी आतंकी छत्रू के ऊपरी इलाकों में एक 'ढोक' (मिट्टी के कच्चे घर) में छिपे हुए हैं। इसके बाद भारतीय सेना की 2 पैरा स्पेशल फोर्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के SOG और CRPF ने संयुक्त मोर्चा संभाला।
तीव्र मुठभेड़: सुबह करीब 11 बजे जब सुरक्षा बल संदिग्ध ठिकाने के पास पहुँचे, तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
चुनौतीपूर्ण इलाके: यह मुठभेड़ ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों में हुई जहाँ छिपने की काफी जगह थी। हालांकि, सुरक्षा बलों ने सटीक रणनीति से आतंकियों को घेरे रखा।
आतंकी ठिकाने में आग: भीषण गोलीबारी के दौरान जिस मिट्टी के घर में आतंकी छिपे थे, उसमें आग लग गई। इस कारण आतंकियों के शव बुरी तरह झुलस गए।
भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने 3 एके-47 राइफलें, भारी मात्रा में गोला-बारूद और 'वॉर-लाइक स्टोर्स' (युद्ध सामग्री) बरामद की है। सेना के व्हाइट नाइट कॉर्प्स (White Knight Corps) ने सोशल मीडिया पर पुष्टि करते हुए कहा— "खोज जारी है। जो लोग शांति भंग करना चाहते हैं, उन्हें कोई पनाह नहीं मिलेगी।"
सुरक्षा बलों का संकल्प
अधिकारियों के अनुसार, इस साल अब तक जम्मू संभाग में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 7 आतंकी मारे जा चुके हैं। किश्तवाड़ और डोडा क्षेत्र में विदेशी आतंकियों के सफाए की दिशा में यह सबसे बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। वर्तमान में पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को जड़ से खत्म किया जा सके।