आरोप और प्रत्यारोप की जंग: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के 'दागदार' अतीत का खुलासा

उत्तर प्रदेश के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी खुद विवादों के केंद्र में आ गए। जहाँ एक ओर शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर आशुतोष के लंबे आपराधिक इतिहास (History Sheet) ने मामले को पूरी तरह पलट कर रख दिया है।

23 Feb 2026  |  26

लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी खुद विवादों के केंद्र में आ गए। जहाँ एक ओर शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर आशुतोष के लंबे आपराधिक इतिहास (History Sheet) ने मामले को पूरी तरह पलट कर रख दिया है।

संत या हिस्ट्रीशीटर? पुलिस रिकॉर्ड ने खोली पोल

खुद को सहारनपुर की शाकुम्भरी पीठ का संत बताने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी उर्फ आशुतोष पांडेय का पुलिस रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। जांच में सामने आया है कि उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में दो दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

हिस्ट्रीशीट नंबर 76A: शामली जिले के कांधला थाने में आशुतोष की हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।

विस्तृत आपराधिक दायरा: पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, इनका आपराधिक सफर साल 2002 से शुरू हुआ, जो शामली, गोंडा, मुजफ्फरनगर और लखनऊ तक फैला हुआ है।

गौ-तस्करी से लेकर गैंगरेप तक के संगीन आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी पर लगे आरोपों की फेहरिस्त केवल छोटी-मोटी ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवता को शर्मसार करने वाले अपराध भी शामिल हैं:

गौवध और तस्करी: उन पर गौवध निषेध अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। गोंडा में एक गो-तस्कर के साथ मिलकर रिश्वत देने की कोशिश में उन्हें पूर्व एसपी नवनीत राणा ने जेल भेजा था।

दुष्कर्म के मामले: एक विधवा महिला के साथ गैंगरेप (धारा 376) और एक दलित महिला के साथ यौन उत्पीड़न जैसे बेहद गंभीर आरोप पुलिस फाइलों में दर्ज हैं।

संगठित अपराध: जमीन कब्जाने और ठगी जैसे मामलों में भी उनकी संलिप्तता बताई गई है।

शंकराचार्य का तीखा पलटवार

प्रयागराज में अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

"आशुतोष कोई संत नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे उसके वास्तविक चरित्र को उजागर करते हैं। यह सब एक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।"

क्या है वर्तमान स्थिति?

इस खुलासे के बाद अब गेंद पुलिस के पाले में है। जहाँ एक तरफ शंकराचार्य पर लगे आरोपों की जांच होनी है, वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता के खुद के आपराधिक रिकॉर्ड ने इस पूरे केस की विश्वसनीयता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

मुख्य जानकारी एक नजर में:

नाम: आशुतोष ब्रह्मचारी (उर्फ अश्वनी सिंह)

निवासी: मौजा रायजादगंज, कांधला (शामली)

प्रमुख धाराएं: 376 (बलात्कार), 3/5/8 गौवध अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम।

ताजा विवाद: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाना।

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