2300 करोड़ का सट्टा और दुबई में प्रॉपर्टी: ED ने ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट पर कसा शिकंजा, 320 करोड़ की संपत्ति जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी के एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस गिरोह ने किंग567 (King567) और प्ले567 जैसी वेबसाइटों के जरिए आम जनता से 2300 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की, जिसे बाद में दुबई में संपत्तियां खरीदने और क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के लिए लॉन्डर किया गया।
23 Feb 2026
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बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी के एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस गिरोह ने किंग567 (King567) और प्ले567 जैसी वेबसाइटों के जरिए आम जनता से 2300 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की, जिसे बाद में दुबई में संपत्तियां खरीदने और क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के लिए लॉन्डर किया गया।
ED की बड़ी कार्रवाई: 60 ठिकानों पर छापेमारी
बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा संचालित इस जांच के तहत कर्नाटक सहित कई राज्यों में 60 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान ईडी ने भारी मात्रा में नकदी, सोने की सिल्लियां, आभूषण, लग्जरी वाहन और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए हैं।
कौन है मुख्य आरोपी?
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड केसी वीरेंद्र है, जिसे ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 'फोनेपैसा पेमेंट सॉल्यूशंस' और 'लॉजिकफोर्ज सॉल्यूशंस' जैसी कंपनियों और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजी के पैसे को विदेशी संस्थाओं में ट्रांसफर किया।
इन वेबसाइटों से होती थी धोखाधड़ी:
किंग567 (King567)
प्ले567 (Play567)
प्लेविन567 (Playwin567)
गेमएक्सच (GameXch)
दुबई कनेक्शन और क्रिप्टो का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि सट्टेबाजी से हुई 2300 करोड़ रुपये की आय को छुपाने के लिए आरोपियों ने जटिल लेयरिंग का सहारा लिया।
विदेशी निवेश: इस काली कमाई का बड़ा हिस्सा भारत से बाहर भेजा गया, जिससे विशेष रूप से दुबई में बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं।
क्रिप्टो निवेश: मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भारी मात्रा में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (क्रिप्टो) का भी उपयोग किया गया।
अब तक की जब्ती और अदालती कार्यवाही
ईडी ने इस मामले में अब तक की प्रगति को लेकर 20 फरवरी को एक पूरक चार्जशीट (Complaint) दाखिल की है।
कुर्की: जनवरी 2026 में जारी आदेश के तहत केसी वीरेंद्र और अन्य की 177.30 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी।
कुल जब्ती: अब तक इस मामले में कुल 320 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति कुर्क या जब्त की जा चुकी है।
नोट: यह मामला विभिन्न राज्यों में दर्ज उन एफआईआर पर आधारित है, जिनमें जबरन वसूली, प्रतिरूपण (Impersonation) और आम जनता के साथ धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे।