रेल की पटरी पर दौड़ी 'फिल्मी कमाई': वेस्टर्न रेलवे ने शूटिंग से कमाए रिकॉर्ड ₹1.72 करोड़, 'वंदे भारत' बनी पहली पसंद

फिल्मों की कहानी जितनी दमदार होती है, उसे हकीकत के करीब लाने वाले लोकेशन्स भी उतने ही अहम होते हैं। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें अब केवल यात्रियों को मंजिल तक नहीं पहुँचा रहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स के लिए 'ब्लॉकबस्टर' लोकेशन साबित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने फिल्म और विज्ञापनों की शूटिंग के जरिए 1.72 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई कर एक नया इतिहास रच दिया है।

23 Feb 2026  |  27

मुंबई। फिल्मों की कहानी जितनी दमदार होती है, उसे हकीकत के करीब लाने वाले लोकेशन्स भी उतने ही अहम होते हैं। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें अब केवल यात्रियों को मंजिल तक नहीं पहुँचा रहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स के लिए 'ब्लॉकबस्टर' लोकेशन साबित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने फिल्म और विज्ञापनों की शूटिंग के जरिए 1.72 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई कर एक नया इतिहास रच दिया है।

कमाई का नया कीर्तिमान

यह अब तक की सबसे अधिक सालाना कमाई है, जो फिल्म इंडस्ट्री और रेलवे के बीच बढ़ते तालमेल को दर्शाती है।

पिछले साल का रिकॉर्ड: साल 2023-24 में यह कमाई 1.62 करोड़ रुपये थी।

ताजा आंकड़ा: साल 2025-26 में 1.72 करोड़ रुपये की आय के साथ रेलवे ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

वंदे भारत एक्सप्रेस: कैमरों के लिए नया आकर्षण

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक के अनुसार, इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि वंदे भारत एक्सप्रेस में शूटिंग की शुरुआत रही।

पहले फिल्ममेकर: जाने-माने निर्देशक शूजीत सरकार इस हाई-स्पीड ट्रेन में शूट करने वाले देश के पहले फिल्ममेकर बने।

अब आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन न केवल यात्रियों, बल्कि निर्देशकों और सिनेमैटोग्राफर्स के लिए भी हॉटस्पॉट बन गई है।

चर्चगेट से गोरेगांव तक... इन सितारों ने की शूटिंग

मुंबई के प्रतिष्ठित स्टेशनों और रेलवे यार्ड्स में लगातार बड़े बजट की फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हो रही है:

मारिया IPS: जॉन अब्राहम की इस फिल्म की शूटिंग चर्चगेट, लोअर परेल और मुंबई सेंट्रल जैसे व्यस्त स्टेशनों पर हुई।

ये प्रेम मोल लिया: आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ अभिनीत राजश्री प्रोडक्शंस की इस फिल्म के लिए गोरेगांव स्टेशन को चुना गया।

वेब सीरीज व अन्य: कई बड़े ओटीटी प्रोजेक्ट्स ने भी रेलवे के दफ्तरों और यार्ड्स का बखूबी इस्तेमाल किया है।

क्यों बढ़ रहा है फिल्मकारों का रुझान?

रेलवे ने फिल्म शूटिंग की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है:

सिंगल विंडो सिस्टम: अब फिल्म मेकर्स को अनुमति के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

सुविधाजनक प्रक्रिया: विनीत अभिषेक के अनुसार, परमिशन मिलने में होने वाली कम देरी की वजह से प्रोड्यूसर्स अब खुलकर रेलवे लोकेशन्स को अपनी स्क्रिप्ट का हिस्सा बना रहे हैं।

निष्कर्ष

भागती ट्रेनें, प्लेटफॉर्म की भीड़ और मुंबई का अनोखा मिजाज अब बड़े पर्दे पर और भी असली नजर आता है। इस पहल से न केवल भारतीय रेल की छवि मजबूत हो रही है, बल्कि रेलवे के खजाने में भी इजाफा हो रहा है।

ट्रेंडिंग