भोपाल में गरजी कांग्रेस: "तानाशाही रवैया अपना रही मोदी सरकार", किसान महाचौपाल में खड़गे का तीखा प्रहार
राजधानी के भेल जम्बूरी मैदान के समीप आयोजित 'किसान महाचौपाल' में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे कड़ा हमला बोला। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित इस विशाल जनसभा में खड़गे ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को "तानाशाही" करार देते हुए उन्हें आधुनिक दौर का 'हिटलर' बता डाला।
24 Feb 2026
|
16
भोपाल। राजधानी के भेल जम्बूरी मैदान के समीप आयोजित 'किसान महाचौपाल' में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे कड़ा हमला बोला। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित इस विशाल जनसभा में खड़गे ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को "तानाशाही" करार देते हुए उन्हें आधुनिक दौर का 'हिटलर' बता डाला।
"54 साल के करियर में ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा"
अपने संबोधन की शुरुआत में खड़गे ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा, "मैं 54 वर्षों से विधायक और सांसद रहा हूँ, लेकिन मैंने अपने जीवन में ऐसा प्रधानमंत्री कभी नहीं देखा जो विपक्ष की आवाज़ दबाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने में विश्वास रखता हो।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान केवल योजनाओं और सड़कों के नाम बदलने पर है। खड़गे ने व्यंग्य किया, "मोदी जी कांग्रेस के शासनकाल में पैदा हुए हैं, तो क्या अब वह अपना नाम भी बदल लेंगे?"
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घेरा: "किसानों के साथ धोखा"
कांग्रेस अध्यक्ष ने हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भारतीय किसानों के डेथ वारंट के समान बताया। उनके भाषण के मुख्य बिंदु रहे:
विदेशी दबाव: सरकार अमेरिका के सामने झुक गई है और अपनी मजबूती से बात नहीं रख पा रही है।
उपज का दाम: इस समझौते के बाद भारतीय किसानों को अपनी फसल का उचित दाम मिलना नामुमकिन हो जाएगा।
असमान तुलना: अमेरिका में केवल 3% लोग खेती पर निर्भर हैं, जबकि भारत की आत्मा गांवों और खेतों में बसती है। ऐसे में अमेरिकी नीतियों को भारत पर थोपना घातक है।
'ऑपरेशन सिंदूर' और अंतरराष्ट्रीय दबाव पर सवाल
खड़गे ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय दबाव में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप खुद दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच कार्रवाई रुकवाई। यह देश की संप्रभुता के साथ समझौता है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस से डरते हैं और केवल 'मन की बात' करते हैं, जबकि जनता के असली सवालों से हमेशा दूरी बनाए रखते हैं।
महाचौपाल की मुख्य बातें: एक नजर में
| मुद्दा | खड़गे का आरोप |
|---|---|
| लोकतंत्र | सरकार विपक्ष की आवाज दबाकर तानाशाही चला रही है। |
| व्यापार नीति | भारत को पहले लाभ होता था, अब अमेरिका के सामने 'यस सर' की स्थिति है। |
| खेती | भारतीय कृषि को अमेरिकी बाजार के हवाले कर दिया गया है। |
| कार्यकर्ताओं को संदेश | डरो मत, संविधान और किसानों के हक के लिए संघर्ष करो। |
संघर्ष का शंखनाद
भोपाल की इस महाचौपाल के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बनाने जा रही है। खड़गे ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे गांवों तक जाकर किसानों को इस "साजिश" के बारे में बताएं। इस रैली ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में कृषि और विदेश नीति के मुद्दे पर देश की राजनीति में बड़ा उबाल आने वाला है।