ऐतिहासिक कैबिनेट फैसला: 'केरल' अब हुआ 'केरलम', विकास परियोजनाओं के लिए ₹12,236 करोड़ का पिटारा खुला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नए पीएम कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक की सबसे बड़ी सुर्खी राज्य के नाम में परिवर्तन रही—केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
24 Feb 2026
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नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नए पीएम कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक की सबसे बड़ी सुर्खी राज्य के नाम में परिवर्तन रही—केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि सरकार ने न केवल सांस्कृतिक पहचान को सम्मान दिया है, बल्कि बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूती देने के लिए ₹12,236 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दिखाई है।
रेलवे और शहरी परिवहन पर भारी निवेश
कैबिनेट ने कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के लिए रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। निवेश का मुख्य विवरण इस प्रकार है:
गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन: इस रूट के दोहरीकरण के लिए सर्वाधिक ₹5,236 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
पुनरख-किऊल: तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण हेतु ₹2,668 करोड़ की स्वीकृति।
गम्हरिया-चांडिल: तीसरी और चौथी लाइन के लिए ₹1,168 करोड़ मंजूर।
अहमदाबाद मेट्रो: फेज 28 के विस्तार के लिए ₹1,067 करोड़ का प्रावधान।
श्रीनगर को मिलेगा नया एयरपोर्ट टर्मिनल
विमानन क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए श्रीनगर में ₹1,667 करोड़ की लागत से एक नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे घाटी में पर्यटन और परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार
कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे के साथ-साथ नीतिगत सुधारों और किसानों के हितों को भी प्राथमिकता दी है:
कच्चा जूट MSP: किसानों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जिसके लिए ₹430 करोड़ का प्रावधान है।
पावर सेक्टर रिफॉर्म्स: ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नए सुधारों (Power Sector Reforms) को स्वीकृति दी गई है।
नाम परिवर्तन: लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए 'केरल' का नाम अब आधिकारिक तौर पर 'केरलम' होगा।
बैठक का विशेष महत्व: 'सेवा तीर्थ' की पहली बैठक
यह बैठक प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि यह नए पीएम कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक थी। इससे पहले 13 फरवरी को हुई बैठक साउथ ब्लॉक स्थित पुराने कार्यालय में हुई थी। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक ने सरकार के आगामी विकास रोडमैप को स्पष्ट कर दिया है।