ईरान में प्रदर्शनकारी को मौत की सजा: ट्रंप ने दी 'गंभीर अंजाम' की चेतावनी, खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात
ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ भड़के जनाक्रोश को दबाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। ईरान की एक रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने जनवरी के प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में मोहम्मद अब्बासी नामक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई है। 'खुदा के खिलाफ दुश्मनी' (मोहरेबेह) के आरोप में सुनाया गया यह फैसला इस आंदोलन का पहला आधिकारिक मृत्युदंड माना जा रहा है।
24 Feb 2026
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तेहरान/वाशिंगटन। ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ भड़के जनाक्रोश को दबाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। ईरान की एक रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने जनवरी के प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में मोहम्मद अब्बासी नामक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई है। 'खुदा के खिलाफ दुश्मनी' (मोहरेबेह) के आरोप में सुनाया गया यह फैसला इस आंदोलन का पहला आधिकारिक मृत्युदंड माना जा रहा है।
इस फैसले ने न केवल ईरान के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है, विशेषकर अमेरिका ने इस पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप की चेतावनी: "टेबल पर सभी विकल्प मौजूद"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिना लैविट के अनुसार:
ट्रंप प्रशासन को जानकारी मिली है कि ईरान में करीब 800 लोगों की मौत की सजा फिलहाल रुकी हुई है।
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने और खून-खराबा किया, तो उसे 'गंभीर अंजाम' भुगतने होंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि सैन्य कार्रवाई सहित सभी विकल्प खुले हैं।
मौत के आंकड़ों पर विरोधाभास: 3,000 या 7,000?
दिसंबर से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर मतभेद हैं। यह 1979 की क्रांति के बाद ईरान का सबसे बड़ा आंतरिक संकट बनकर उभरा है।
ईरान सरकार का दावा: सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसके लिए प्रशासन ने 'आतंकी गतिविधियों' को जिम्मेदार ठहराया है।
HRANA (मानवाधिकार संगठन) का दावा: अमेरिका स्थित इस संगठन के अनुसार, मरने वालों की संख्या 7,000 से अधिक है, जिनमें से अधिकांश निहत्थे प्रदर्शनकारी थे।
खाड़ी में युद्ध की आहट: अमेरिकी बेड़ों की तैनाती
एक ओर ओमान की मध्यस्थता में न्यूक्लियर डील को लेकर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने सैन्य दबाव बढ़ा दिया है।
युद्धपोतों की तैनाती: अमेरिका ने ईरान के पास अपने दो विशाल विमानवाहक पोत—USS अब्राहम लिंकन और USS गेराल्ड आर. फोर्ड—को तैनात कर दिया है।
सैन्य शक्ति: ये पोत अपने साथ 5,000 से अधिक सैनिक और लगभग 150 लड़ाकू विमान ले जाने में सक्षम हैं।
अंतिम अल्टीमेटम: अमेरिका ने ईरान को न्यूक्लियर डील पर हस्ताक्षर करने या युद्ध के लिए तैयार रहने की धमकी दी है।
ईरान संकट: मुख्य सांख्यिकी
| विवरण | सांख्यिकी / स्थिति |
|---|---|
| पहला सजायाफ्ता | मोहम्मद अब्बासी (आरोप: मोहरेबेह) |
| रुकी हुई फांसी की सजा | लगभग 800 लोग |
| अमेरिकी सैन्य बल | 5,000+ सैनिक, 150 विमान (खाड़ी में) |
| मध्यस्थ देश | ओमान (बातचीत जारी) |
निष्कर्ष: ईरान में आर्थिक असंतोष अब एक बड़े वैश्विक भू-राजनीतिक संकट में बदल गया है। मोहम्मद अब्बासी की फांसी पर अमल होता है या नहीं, यह तय करेगा कि खाड़ी क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या एक नए विनाशकारी युद्ध की ओर।