रुपये में गिरावट: 90.95 के स्तर पर बंद हुआ भारतीय रुपया, ट्रंप की 'टैरिफ चेतावनी' और कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव

वैश्विक और घरेलू मोर्चों पर बढ़ती हलचल के बीच मंगलवार (24 फरवरी 2026) को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 90.95 के स्तर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में आई भारी बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय मुद्रा पर दोहरा दबाव बनाया है।

24 Feb 2026  |  16

नई दिल्ली | वैश्विक और घरेलू मोर्चों पर बढ़ती हलचल के बीच मंगलवार (24 फरवरी 2026) को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 90.95 के स्तर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में आई भारी बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय मुद्रा पर दोहरा दबाव बनाया है।

रुपये की गिरावट के 3 प्रमुख कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज रुपये की कमजोरी के पीछे निम्नलिखित कारक जिम्मेदार रहे:

ट्रंप की 'टैरिफ' धमकी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक प्रतिकूल फैसले के बावजूद उन देशों पर भारी शुल्क (Tariff) लगाने की चेतावनी दी है जो व्यापार समझौतों का सम्मान नहीं कर रहे हैं। इस अनिश्चितता ने डॉलर को मजबूती दी है।

कच्चे तेल में उबाल: वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड 0.27% बढ़कर $71.68 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे आयात बिल बढ़ने की आशंका में रुपया कमजोर हुआ।

शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स और निफ्टी में आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मांग कम हुई।

शेयर बाजार में कोहराम: निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये

घरेलू शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन बेहद निराशाजनक रहा।

सेंसेक्स (Sensex): 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 1,068.74 अंक टूटकर 82,225.92 पर बंद हुआ।

निफ्टी (Nifty): निफ्टी में भी 288.35 अंक की गिरावट देखी गई और यह 25,424.65 के स्तर पर आ गया।

विदेशी निवेशक: हालांकि, आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने सोमवार को ₹3,483.70 करोड़ के शेयर खरीदे थे।

रिजर्व बैंक का दखल और विशेषज्ञों की राय

बाजार में चर्चा है कि रुपये को 91 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरने से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डॉलर की बिक्री कर हस्तक्षेप किया है।

"ट्रंप के हालिया बयानों और व्यापार समझौतों को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने रुपये पर दबाव डाला है। आने वाले दिनों में रुपये की हाजिर कीमत 90.75 से 91.20 के दायरे में रह सकती है।"

अनुज चौधरी, शोध विश्लेषक, मिराए एसेट शेयरखान

आर्थिक संकेतक: एक नजर में

सूचकांकस्थितिबदलाव
USD/INR (रुपया)90.950.06% गिरावट
डॉलर इंडेक्स97.860.16% बढ़त
ब्रेंट क्रूड$71.680.27% बढ़त
सेंसेक्स82,225.92-1,068.74 अंक

निष्कर्ष: फिलहाल रुपया एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, लेकिन अमेरिका की व्यापारिक नीतियों और कच्चे तेल की चाल आने वाले हफ्तों में इसकी दिशा तय करेगी।

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