बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: पांचवीं सीट पर फंसा पेंच, हिना शहाब और ओवैसी के 'मुस्लिम कार्ड' से बढ़ा तनाव
बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 से शुरू हो रही है। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के अनुसार, NDA की 4 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है, लेकिन असली घमासान 'पांचवीं सीट' को लेकर है। विपक्षी खेमे (RJD) ने मास्टरस्ट्रोक चलते हुए पूर्व सांसद दिवंगत शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का नाम आगे बढ़ाया है, जिससे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM बड़ी दुविधा में फंस गई है।
24 Feb 2026
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पटना | बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 से शुरू हो रही है। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के अनुसार, NDA की 4 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है, लेकिन असली घमासान 'पांचवीं सीट' को लेकर है। विपक्षी खेमे (RJD) ने मास्टरस्ट्रोक चलते हुए पूर्व सांसद दिवंगत शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का नाम आगे बढ़ाया है, जिससे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM बड़ी दुविधा में फंस गई है।
पांचवीं सीट का गणित: किसे कितने वोटों की दरकार?
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए बिहार में 41 विधायकों के प्रथम वरीयता वोट की आवश्यकता है।
NDA की स्थिति: NDA के पास वर्तमान में 202 विधायक हैं। यानी 4 सीटें जीतने के बाद उनके पास 38 वोट बचेंगे। पांचवीं सीट जीतने के लिए उन्हें मात्र 3 और वोटों की जरूरत है।
विपक्ष (RJD+) की स्थिति: महागठबंधन के पास करीब 35 से 41 विधायक (RJD, कांग्रेस, वामदल) हैं। उन्हें एक सीट पक्की करने के लिए AIMIM (5 विधायक) और BSP (1 विधायक) का साथ हर हाल में चाहिए।
'हिना शहाब' कार्ड: RJD की सोची-समझी रणनीति
RJD के प्रवक्ता और विधायक अब खुलकर हिना शहाब की वकालत कर रहे हैं। इसके पीछे दो मुख्य उद्देश्य हैं:
शहाबुद्दीन की विरासत: शहाबुद्दीन के ओवैसी से अच्छे व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। हिना शहाब को उम्मीदवार बनाकर RJD ने AIMIM के विधायकों के लिए "ना" कहना मुश्किल कर दिया है।
मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण: पिछले कुछ समय से हिना शहाब की RJD से नाराजगी की खबरें थीं। उन्हें राज्यसभा भेजकर तेजस्वी यादव मुस्लिम वोटबैंक में सेंधमारी को रोकना चाहते हैं।
AIMIM की चाल: "समर्थन दें, तो ही बात बनेगी"
हालाँकि, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने अपनी अलग रणनीति के संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वे हमेशा महागठबंधन को वोट नहीं देंगे।
ओवैसी की मांग: AIMIM चाहती है कि RJD उनके उम्मीदवार का समर्थन करे ताकि उच्च सदन में उनका पहला सांसद पहुंच सके।
बिरयानी पॉलिटिक्स: AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को हैदराबाद आकर समर्थन मांगना होगा, जहाँ उनका स्वागत 'बिरयानी' से किया जाएगा।
रिटायर होने वाले 5 प्रमुख सांसद (कार्यकाल समाप्त: 9 अप्रैल 2026)
| सांसद का नाम | पार्टी | वर्तमान भूमिका |
|---|---|---|
| रामनाथ ठाकुर | JD(U) | केंद्रीय मंत्री |
| हरिवंश नारायण सिंह | JD(U) | राज्यसभा उपसभापति |
| प्रेमचंद गुप्ता | RJD | लालू प्रसाद यादव के करीबी |
| अमरेन्द्र धारी सिंह | RJD | प्रमुख उद्योगपति |
| उपेंद्र कुशवाहा | RLM | एनडीए सहयोगी |
NDA में भी 'सीट' के लिए खींचतान
जहाँ विपक्ष पांचवीं सीट के लिए जद्दोजहद कर रहा है, वहीं NDA के भीतर भी दावेदारों की लंबी लिस्ट है:
चिराग पासवान की पार्टी अपनी मां रीना पासवान के लिए सीट मांग रही है।
उपेंद्र कुशवाहा अपनी सीट बरकरार रखने या बेटे दीपक प्रकाश के लिए MLC सीट की सौदेबाजी में जुटे हैं।
BJP इस बार भोजपुरी स्टार पवन सिंह या किसी गैर-यादव OBC चेहरे को मौका देने पर विचार कर रही है।
निष्कर्ष: यदि विपक्ष एकजुट होकर हिना शहाब को मैदान में उतारता है और AIMIM का समर्थन हासिल कर लेता है, तो पांचवीं सीट के लिए चुनाव बेहद रोमांचक होगा। दूसरी ओर, NDA की नजर निर्दलीय और छोटे दलों के उन 3 वोटों पर है जो उन्हें पांचों सीटें जिता सकते हैं।