सिक्किम में सेना और प्रशासन का 'मिशन रेस्क्यू' सफल: त्सोमगो झील के पास फंसे 2,700 पर्यटक सुरक्षित निकाले गए
पूर्वी सिक्किम के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अचानक हुई भारी बर्फबारी के बीच फंसे पर्यटकों के लिए मंगलवार की रात किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थी। हालांकि, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 2,736 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
25 Feb 2026
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गंगटोक: पूर्वी सिक्किम के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अचानक हुई भारी बर्फबारी के बीच फंसे पर्यटकों के लिए मंगलवार की रात किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थी। हालांकि, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 2,736 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
बर्फ की सफेद चादर में कैद हुए 541 वाहन
बुधवार सुबह अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शेराथांग और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गई थीं। इस कारण 15वें मील और प्रसिद्ध त्सोमगो झील (Changu Lake) के बीच पर्यटकों के लगभग 541 वाहन फंस गए थे। शून्य से नीचे गिरते तापमान और ऑक्सीजन की कमी के बीच पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
रात भर चला बचाव अभियान
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो मंगलवार देर रात तक जारी रहा।
सुरक्षित निकास: सभी 2,736 पर्यटकों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
सड़क बहाली: फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए रास्तों को साफ करने का काम युद्ध स्तर पर किया गया।
पर्यटन विभाग की सख्त एडवाइजरी
इस घटना के बाद सिक्किम पर्यटन विभाग ने पर्यटकों और टूर ऑपरेटरों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं:
मौसम की चेतावनी: मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का सख्ती से पालन करें।
अनिवार्य उपकरण: बर्फबारी की स्थिति में यात्रा करते समय वाहनों में 'स्नो चेन' (Snow Chains) का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
सतर्कता: खराब मौसम की स्थिति में ऊंचे इलाकों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।