पीएम मोदी का इजराइल दौरा: कांग्रेस ने साधा निशाना, प्रियंका गांधी बोलीं- 'नेसेट में गाजा के नरसंहार पर बोलें प्रधानमंत्री'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर इजराइल के लिए रवाना हो गए हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी इजराइल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) को संबोधित करेंगे। जहाँ एक ओर यह दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, वहीं देश के भीतर विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

25 Feb 2026  |  12

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर इजराइल के लिए रवाना हो गए हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी इजराइल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) को संबोधित करेंगे। जहाँ एक ओर यह दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, वहीं देश के भीतर विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रियंका गांधी की मांग: 'सच्चाई और न्याय के साथ खड़ा हो भारत'

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से उम्मीद जताई कि वे अपनी इस यात्रा के दौरान मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देंगे। प्रियंका ने लिखा:

"मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी इजरायली संसद को संबोधित करते हुए गाजा में हजारों बेगुनाह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का जिक्र करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे। भारत का इतिहास हमेशा सही के लिए खड़े होने का रहा है।"

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि सत्य के लिए शांतिपूर्ण और अहिंसक प्रतिरोध भारत की गौरवशाली परंपरा रही है, जो हमें महात्मा गांधी से विरासत में मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वैश्विक दबाव के आगे झुककर देश के हितों और नैतिक मूल्यों से समझौता कर रही है।

जयराम रमेश ने याद दिलाया इतिहास: 'नेहरू से लेकर डाक टिकट तक'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी इस दौरे को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक वीडियो साझा करते हुए भारत के पुराने स्टैंड की याद दिलाई।

1960: जवाहरलाल नेहरू गाजा गए थे और वहाँ तैनात भारतीय सैनिकों से मिले थे।

1981: भारत ने फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था।

1988: भारत ने औपचारिक रूप से फिलिस्तीन राज्य को मान्यता दी थी।

'नैतिक कायरता' का आरोप

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की घनिष्ठता पर सवाल उठाते हुए इसे 'नैतिक कायरता' करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब पूरी दुनिया गाजा को मलबे में तब्दील करने के लिए नेतन्याहू की आलोचना कर रही है, भारतीय प्रधानमंत्री का उनके साथ घनिष्ठता दिखाना दुखद है।

दौरे की अहमियत और विवाद

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा रक्षा और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन विपक्ष ने इसे गाजा की मौजूदा स्थिति और भारत की पारंपरिक विदेश नीति से जोड़कर सरकार को घेर लिया है। कांग्रेस का तर्क है कि भारत को अपनी उस छवि को बरकरार रखना चाहिए जहाँ वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्पीड़ितों की आवाज बनता रहा है।

मुख्य बिंदु:

नेसेट संबोधन: पीएम मोदी इजराइली संसद को संबोधित करने वाले हैं।

विपक्षी मांग: गाजा में मानवीय संकट और नागरिकों की मौत पर स्टैंड लेने का दबाव।

विरासत का हवाला: कांग्रेस ने नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर की विदेश नीति का उदाहरण दिया।

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