किसानों के लिए बड़ी सौगात: रबी 2026 के लिए चना, सरसों और मसूर की सरकारी खरीद को मंजूरी, शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों को दिए निर्देश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को किसानों के हित में एक बड़ा ऐलान करते हुए रबी सीजन 2026 के लिए 'मूल्य समर्थन योजना' (PSS) के तहत चना, सरसों और मसूर की खरीद को हरी झंडी दे दी है। एक वर्चुअल बैठक के दौरान उन्होंने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और केंद्रीय फंड के पूर्ण उपयोग पर जोर दिया।

25 Feb 2026  |  11

नई दिल्ली | केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को किसानों के हित में एक बड़ा ऐलान करते हुए रबी सीजन 2026 के लिए 'मूल्य समर्थन योजना' (PSS) के तहत चना, सरसों और मसूर की खरीद को हरी झंडी दे दी है। एक वर्चुअल बैठक के दौरान उन्होंने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और केंद्रीय फंड के पूर्ण उपयोग पर जोर दिया।

राज्यों के लिए खरीद का कोटा निर्धारित

सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए खरीद की मात्रा तय कर दी है ताकि बाजार में कीमतें गिरने पर किसानों को नुकसान न हो।

1. चना (Chickpea) की खरीद:

महाराष्ट्र: 7.61 लाख टन

मध्य प्रदेश: 5.8 लाख टन

राजस्थान: 5.53 लाख टन

गुजरात: 4.13 लाख टन

2. सरसों (Mustard) की खरीद:

राजस्थान: 13.78 लाख टन

मध्य प्रदेश: 6.01 लाख टन

गुजरात: 1.33 लाख टन

क्या है 'मूल्य समर्थन योजना' (PSS)?

मूल्य समर्थन योजना तब सक्रिय होती है जब अधिसूचित दलहन, तिलहन और कोपरा की बाजार कीमतें उनके न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे गिर जाती हैं। यह योजना PM-AASHA (प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान) का हिस्सा है, जो किसानों की आय को सुरक्षा कवच प्रदान करती है।

योजनाओं की समीक्षा और 31 मार्च की डेडलाइन

बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (RKVY) और 'कृषि उन्नति योजनाओं' की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राज्यों से स्पष्ट रूप से कहा:

"राज्यों को 31 मार्च से पहले केंद्रीय फंड का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र द्वारा आवंटित राशि का समय पर उपयोग अनिवार्य है।"

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन: 2030-31 तक का रोडमैप

कृषि मंत्री ने घोषणा की कि 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद पूर्व-पंजीकृत किसानों से केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से 2030-31 तक जारी रहेगी। इसका उद्देश्य भारत को दालों के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।

इन राज्यों ने लिया बैठक में भाग

वर्चुअल समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, हरियाणा, केरल, असम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और त्रिपुरा के प्रतिनिधि शामिल हुए।

PM-AASHA के मुख्य स्तंभ:

PSS (मूल्य समर्थन योजना): MSP पर सीधी खरीद।

PDPS (मूल्य कमी भुगतान योजना): बाजार मूल्य और MSP के अंतर का भुगतान।

MIS (बाजार हस्तक्षेप योजना): बागवानी और अन्य फसलों के लिए।

PSF (मूल्य स्थिरीकरण कोष): कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए बफर स्टॉक।

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