अनिल अंबानी को बड़ा झटका: ₹3,716 करोड़ का बंगला 'एबोड' ईडी ने किया कुर्क, ट्रस्ट के जरिए मालिकाना हक छिपाने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत उनके 17 मंजिला निजी निवास 'एबोड' को अस्थाई रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। इस संपत्ति की बाजार कीमत लगभग 3,716.83 करोड़ रुपये आंकी गई है।
25 Feb 2026
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मुंबई | प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत उनके 17 मंजिला निजी निवास 'एबोड' को अस्थाई रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। इस संपत्ति की बाजार कीमत लगभग 3,716.83 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ट्रस्ट का खेल: मालिकाना हक छिपाने का दावा
ईडी ने अपनी जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार:
राइज-ई ट्रस्ट (RiseE Trust): पाली हिल स्थित इस संपत्ति को 'राइज-ई' नामक एक प्राइवेट फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित किया गया था।
मकसद: ईडी का दावा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि कागजों पर यह दिखाया जा सके कि इस संपत्ति से अनिल अंबानी का कोई सीधा संबंध नहीं है।
सुरक्षा कवच: जांच में पाया गया कि इस 'कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चरिंग' का उद्देश्य संपत्ति को बैंकों की देनदारियों और अनिल अंबानी द्वारा दी गई निजी गारंटियों (Personal Guarantees) से बचाना था।
₹40,000 करोड़ का बैंक फ्रॉड मामला
यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है।
बकाया कर्ज: RCOM और इसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से भारी कर्ज लिया था, जिसमें से करीब 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं।
कुल कुर्की: इस ताजा कार्रवाई के साथ ही, रिलायंस ग्रुप की अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों की वैल्यू बढ़कर 15,700 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
17 मंजिला 'महल' की खासियत
मुंबई के पाली हिल में स्थित 'एबोड' भारत के सबसे महंगे घरों में से एक गिना जाता है।
यह 66 मीटर ऊँचा है और इसमें 17 मंजिलें हैं।
इसमें हेलीपैड, स्विमिंग पूल और विश्व स्तरीय सुख-सुविधाएं मौजूद हैं।
आगे क्या? अनिल अंबानी से इस मामले में पहले भी पूछताछ हो चुकी है और अब एजेंसी उन्हें दूसरे दौर की पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। फिलहाल, रिलायंस ग्रुप की ओर से इस कुर्की पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।