ऑनलाइन गेमिंग का जानलेवा जाल: कर्ज में डूबे पिता ने हंसते-खेलते परिवार को पिलाया जहर, पिता-पुत्री की मौत
आधुनिक दौर में ऑनलाइन गेमिंग की लत किस कदर जानलेवा साबित हो सकती है, इसका एक भयावह उदाहरण मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में देखने को मिला है। यहाँ ऑनलाइन गेम 'एविएटर' (Aviator) में लाखों रुपये हारने और कर्ज के दलदल में फंसने के बाद एक व्यक्ति ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी पत्नी और बेटी को जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर खुद भी जान दे दी। इस दुखद घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है।
26 Feb 2026
|
10
शहडोल (मध्य प्रदेश)। आधुनिक दौर में ऑनलाइन गेमिंग की लत किस कदर जानलेवा साबित हो सकती है, इसका एक भयावह उदाहरण मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में देखने को मिला है। यहाँ ऑनलाइन गेम 'एविएटर' (Aviator) में लाखों रुपये हारने और कर्ज के दलदल में फंसने के बाद एक व्यक्ति ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी पत्नी और बेटी को जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर खुद भी जान दे दी। इस दुखद घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है।
कर्ज के बोझ ने छीनीं खुशियाँ
पुरानी बस्ती क्षेत्र के निवासी शंकर लाल गुप्ता मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शंकर लाल को ऑनलाइन गेमिंग की गंभीर लत लग चुकी थी। उन्होंने अपनी किस्मत बदलने के लालच में ऑनलाइन गेम में लगभग 4 लाख रुपये गंवा दिए थे। कर्ज चुकाने के चक्कर में उनकी मोबाइल की दुकान भी बिक गई थी, जिसके बाद वे सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाने को मजबूर थे। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने पूरे परिवार के साथ जीवन लीला समाप्त करने का आत्मघाती निर्णय लिया।
मौत की 'कोल्ड ड्रिंक' और बिखरा परिवार
घटना वाले दिन शंकर लाल ने अपनी पत्नी राजकुमारी गुप्ता और 16 वर्षीय बेटी स्वाति को कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया और स्वयं भी उसे पी लिया।
बेटी और पिता की मौत: अस्पताल में इलाज के दौरान पहले बेटी स्वाति ने दम तोड़ा। हृदयविदारक स्थिति तब बनी जब बेटी का अंतिम संस्कार कर लौटे पिता शंकर लाल की भी कुछ ही देर बाद मृत्यु हो गई।
मां की स्थिति गंभीर: पत्नी राजकुमारी गुप्ता फिलहाल अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही हैं।
बच गया बेटा: घटना के समय 15 वर्षीय बेटा अनिकेत घर पर मौजूद नहीं था, जिसके कारण उसकी जान बच गई। हालांकि, अब उसके सिर से पिता और बहन का साया उठ चुका है।
'एविएटर' गेम का मायाजाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि शंकर लाल Aviator नामक ऑनलाइन गेम के जाल में फंसे थे। यह एक ऐसा सट्टेबाजी वाला गेम है जहाँ कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच दिया जाता है। इसी लालच ने शंकर लाल को कर्जदार बना दिया और अंततः उन्हें इस आत्मघाती मोड़ पर खड़ा कर दिया।
पुलिस का वक्तव्य: "मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक पड़ताल में ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज मुख्य कारण नजर आ रहे हैं। हम उन सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिन्होंने मृतक को इस कदम के लिए मजबूर किया।"
सावधान रहें!
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी न केवल आर्थिक रूप से खोखला करती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को भी तबाह कर देती है। यदि आपके आसपास कोई इस लत का शिकार है, तो उसे तुरंत विशेषज्ञों या परामर्शदाताओं की मदद लेने के लिए प्रेरित करें।