रामलला के दरबार में ' दिग्विजय सिंह': भव्य मंदिर निर्माण के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे दिग्विजय सिंह, कहा— हम नहीं करते धर्म की राजनीति

राम मंदिर के भव्य निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार कांग्रेस के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को रामनगरी में हाजिरी लगाई। 'दिग्गी राजा' के नाम से मशहूर राज्यसभा सांसद ने हनुमानगढ़ी में मत्था टेकने के बाद रामलला के दर्शन किए और देश की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।

26 Mar 2026  |  73

 

अयोध्या: राम मंदिर के भव्य निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार कांग्रेस के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को रामनगरी में हाजिरी लगाई। 'दिग्गी राजा' के नाम से मशहूर राज्यसभा सांसद ने हनुमानगढ़ी में मत्था टेकने के बाद रामलला के दर्शन किए और देश की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।

"आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं"

अयोध्या एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक है। उन्होंने कहा, "रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या आना सौभाग्य की बात है। जब प्रभु का बुलावा आता है, तो व्यक्ति खिंचा चला आता है। हम धर्म का उपयोग न तो व्यवसाय के लिए करते हैं और न ही राजनीति के लिए।"

विरोध के आरोपों को किया खारिज, सहयोग का दिया हवाला

राम मंदिर निर्माण के विरोध के आरोपों पर दिग्विजय सिंह ने अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी भी मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया, बल्कि स्वयं 1,11,000 रुपये का सहयोग (चंदा) राशि के रूप में दिया था।

सद्भाव की कामना: मंदिर प्रांगण से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान राम से प्रार्थना की है कि पूरे देश में तरक्की हो और सभी समुदायों के बीच सद्भाव बना रहे।

मौन प्रतिक्रिया: जब उनसे देश में ईंधन (डीजल-पेट्रोल) की स्थिति पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने यह कहते हुए टाल दिया कि वह केवल आध्यात्मिक यात्रा पर हैं और इस दौरान राजनीति की बात नहीं करेंगे।

कांग्रेस नेताओं ने किया भव्य स्वागत

दिग्विजय सिंह के अयोध्या पहुँचने पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दर्शन-पूजन के बाद वह पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री से मिलने उनके आवास पर भी पहुंचे। ज्ञात हो कि उनसे पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी रामलला के दर्शन कर चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के नेताओं में दिग्विजय सिंह का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

मंदिर की भव्यता पर सस्पेंस

जब पत्रकारों ने उनसे नवनिर्मित मंदिर की भव्यता और बनावट पर सवाल किया, तो उन्होंने संक्षिप्त उत्तर देते हुए कहा कि इस विषय पर वह विस्तार से बाद में चर्चा करेंगे।

निष्कर्ष: दिग्विजय सिंह का यह दौरा कांग्रेस की 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छवि को मजबूत करने या व्यक्तिगत आस्था के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीतिक चर्चाओं से दूर रखने की कोशिश की है।

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