जेपी इंफ्रा के पूर्व MD मनोज गौड़ को मिली 14 दिनों की अंतरिम जमानत,अदाणी ग्रुप द्वारा अधिग्रहण,15,000 करोड़ रुपये में खरीदने की मंजूरी

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद जेपी इंफ्राटेक के पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) मनोज गौड़ को 14 दिनों की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह राहत उन्हें उनकी मां चंद्रकला गौड़ के निधन के बाद अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए दी गई है। चंद्रकला गौड़, जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ की पत्नी थीं और लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं।

27 Mar 2026  |  68

 

नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद जेपी इंफ्राटेक के पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) मनोज गौड़ को 14 दिनों की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह राहत उन्हें उनकी मां चंद्रकला गौड़ के निधन के बाद अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए दी गई है। चंद्रकला गौड़, जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ की पत्नी थीं और लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं।

भावुक आधार पर मिली पैरोल

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) धीरेंद्र राणा ने मानवीय आधार पर मनोज गौड़ की याचिका स्वीकार की। अदालत में गौड़ की ओर से पेश अधिवक्ता डॉ. फर्रुख खान ने दलील दी कि परिवार के सबसे बड़े बेटे होने के नाते अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।

शर्तें: अदालत ने उन्हें 5-5 लाख रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने पर दो सप्ताह की जमानत दी है।

पिछला घटनाक्रम: इससे पहले भी जनवरी में मां की बीमारी के आधार पर उन्हें 14 दिनों की राहत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को सरेंडर कर दिया था।

क्या है 13,000 करोड़ का यह मामला?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनोज गौड़ को जेपी इंफ्राटेक से जुड़े कथित 13,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।

धोखाधड़ी के आरोप: यह मामला 2017 से चल रहा है, जिसमें हजारों घर खरीदारों से फ्लैट के नाम पर एडवांस पैसे लिए गए, लेकिन उन्हें घर नहीं मिले।

फंड का डायवर्जन: ED का आरोप है कि मनोज गौड़ ने कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाई और निवेशकों के पैसे को ग्रुप की अन्य कंपनियों में अवैध रूप से ट्रांसफर किया।

अर्श से फर्श तक का सफर: बिक गया जेपी ग्रुप

कभी देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र (Infrastructure) की दिग्गज मानी जाने वाली जेपी एसोसिएट्स, जिसने यमुना एक्सप्रेस-वे जैसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट बनाए थे, आज भारी कर्ज के कारण दिवालिया हो चुकी है। हाल ही में:

अदाणी ग्रुप द्वारा अधिग्रहण: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने अदाणी ग्रुप द्वारा जयप्रकाश एसोसिएट्स को लगभग 15,000 करोड़ रुपये में खरीदने की मंजूरी दे दी है।

वर्तमान स्थिति: हालांकि मनोज गौड़ को अंतरिम राहत मिल गई है, लेकिन उनकी नियमित जमानत याचिका अभी भी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। ट्रायल कोर्ट द्वारा नियमित जमानत खारिज किए जाने के बाद उन्होंने ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

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