भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा का 'संकट': संसदीय समिति ने जताई गहरी चिंता; एयर इंडिया के 80% विमानों में तकनीकी खामियां, DGCA की क्षमता पर भी सवाल

भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। संसद की स्थायी समिति (Standing Committee) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कमर्शियल विमानों में बार-बार आने वाली तकनीकी खराबियों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर 'खतरे की घंटी' बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के विमानन सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह से 'रीसेट' करने की तत्काल आवश्यकता है।

27 Mar 2026  |  58

 

नई दिल्ली: भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। संसद की स्थायी समिति (Standing Committee) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कमर्शियल विमानों में बार-बार आने वाली तकनीकी खराबियों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर 'खतरे की घंटी' बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के विमानन सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह से 'रीसेट' करने की तत्काल आवश्यकता है।

चिंताजनक आंकड़े: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस सबसे आगे

DGCA द्वारा जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच किए गए ऑडिट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

कुल ऑडिट: 754 कमर्शियल विमानों की जांच की गई, जिनमें से 377 विमानों में बार-बार तकनीकी खामियां पाई गईं।

एयर इंडिया (Air India): ऑडिट किए गए 166 विमानों में से 137 विमानों (लगभग 82%) में बार-बार दोष पाए गए।

एयर इंडिया एक्सप्रेस: 101 में से 54 विमानों में लगातार तकनीकी समस्याएं दर्ज की गईं।

अहमदाबाद क्रैश के बाद ऑडिट में 100 बड़ी खामियां

जुलाई 2025 में अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एयर इंडिया के विस्तृत ऑडिट में सुरक्षा से जुड़ी 100 बड़ी चूक पाई गईं। इनमें 7 ऐसी 'लेवल-1' उल्लंघन की घटनाएं थीं, जिन पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत थी। ऑडिट में निम्नलिखित कमियां उजागर हुईं:

पायलट ट्रेनिंग में कमी: बोइंग 787 और 777 विमानों के पायलटों की 'रिकरेंट ट्रेनिंग' में गंभीर अंतराल पाया गया।

स्टाफ की कमी: कम से कम चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में केबिन क्रू की संख्या पर्याप्त नहीं थी।

ड्यूटी समय का उल्लंघन: मिलान से नई दिल्ली की एक उड़ान में निर्धारित 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम' (FDTL) की सीमा का 2 घंटे से अधिक उल्लंघन किया गया।

DGCA का कड़ा रुख: लगा ₹1 करोड़ का जुर्माना

फरवरी 2026 में DGCA ने एयर इंडिया पर ₹1 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई नवंबर 2025 में एक एयरबस A320 को बिना वैध 'एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट' (ARC) के 8 बार उड़ाने के लिए की गई। 2025 के अंत तक, नियामक ने विभिन्न ऑपरेटरों को 19 सुरक्षा उल्लंघन नोटिस जारी किए थे।

DGCA खुद संकट में: स्टाफ की भारी कमी

संसदीय समिति ने केवल एयरलाइंस ही नहीं, बल्कि नियामक संस्था DGCA की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए हैं:

रिक्तियां: DGCA में वर्तमान में 48.3 प्रतिशत पद खाली हैं।

समिति का सवाल: इतने बड़े स्तर पर स्टाफ की कमी के साथ क्या DGCA तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र की प्रभावी ढंग से निगरानी करने में सक्षम है?

सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट: एक नजर में

विवरणसांख्यिकी / मुख्य बिंदु
कुल खराब विमान377 (कुल 754 में से)
एयर इंडिया पर जुर्माना₹1 करोड़ (फरवरी 2026)
सुरक्षा उल्लंघन नोटिस19 (विभिन्न एयरलाइंस को)
DGCA में खाली पद48.3%

निष्कर्ष: संसदीय समिति ने विमानन क्षेत्र की निगरानी को मजबूत करने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए तत्काल 'ढांचागत सुधारों' (Structural Reforms) की सिफारिश की है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सरकार और एयरलाइंस दोनों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।

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