इंडिगो विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग: हवा में बंद हुआ इंजन, रनवे पर 'फुल इमरजेंसी' के बीच सुरक्षित उतरे 160 यात्री

विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 शनिवार सुबह एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह विमान (बोइंग 737, TC-CON) तुर्की की कोरेनडन एयरलाइन्स से लीज पर लिया गया था।

28 Mar 2026  |  68

 

नई दिल्ली। विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 शनिवार सुबह एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरने से ठीक पहले विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग कराई। विमान में सवार सभी 160 यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।

इंजन नंबर-1 में तेज कंपन और शटडाउन

जानकारी के अनुसार, यह विमान (बोइंग 737, TC-CON) तुर्की की कोरेनडन एयरलाइन्स से लीज पर लिया गया था। दिल्ली के करीब पहुँचने पर पायलटों को CFM-56 इंजन में तेज वाइब्रेशन (कंपन) महसूस हुआ, जिसके बाद इंजन अचानक बंद हो गया। पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर आपात स्थिति घोषित की।

घटनाक्रम: 20 मिनट का तनावपूर्ण समय

समयघटना
सुबह 08:39विशाखापट्टनम से विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।
सुबह 10:39दिल्ली के पास इंजन में खराबी आई; पायलटों ने इमरजेंसी घोषित की।
सुबह 10:53फायर डिपार्टमेंट को अलर्ट कॉल मिला; रनवे 28 पर एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां तैनात की गईं।
सुबह 10:59विमान ने रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग की।

इंडिगो का आधिकारिक बयान

इंडिगो एयरलाइंस ने पुष्टि की है कि लैंडिंग से पहले तकनीकी खराबी देखी गई थी। एयरलाइन ने कहा, "सावधानी बरतते हुए और तय सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पायलटों ने प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग की अनुमति मांगी। विमान की गहन जांच की जा रही है और घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है।"

बढ़ते 'रिपीटेटिव डिफेक्ट्स' ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

इस घटना ने एक बार फिर भारतीय एयरलाइंस के बेड़े की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के विमानों में 'बार-बार आने वाली खराबियां' (Repetitive Defects) एक गंभीर चुनौती बन गई हैं।

इंडिगो की स्थिति: जांच किए गए 405 विमानों में से 148 विमानों में इस साल 3 फरवरी तक एक ही तरह की खराबी बार-बार पाई गई।

एअर इंडिया ग्रुप: समूह के 267 विमानों में से 191 (72%) में तकनीकी खामियां दोहराई गईं।

DGCA की सख्ती: नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया कि पिछले साल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 3,890 सर्विलांस इंस्पेक्शन और 874 स्पॉट चेक किए गए हैं।

हालिया अन्य घटनाएं

गौरतलब है कि इसी साल जनवरी 2026 में लखनऊ से जेद्दा जा रही सऊदिया अरबिया एयरलाइंस की फ्लाइट SV-891 की भी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस दौरान केबिन प्रेशर कम होने के कारण 275 यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई थी और कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई थी।

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